मस्जिद को बिक्री मामले में भारत हिंदू समाज मंदिर को ब्रिटिश हाईकोर्ट से राहत मिली


ब्रिटेन के पीटरबरो शहर स्थित 40 साल पुराने एक हिंदू मंदिर और सामुदायिक केंद्र को सबसे अधिक बोली लगाने वाले को उसका परिसर बेचे जाने के मामले में लंदन हाईकोर्ट से राहत मिली है. भारत हिंदू समाज मंदिर की स्थापना 1986 में शहर के न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स में हुई थी.

जस्टिस माइकल फोर्डहम ने पिछले सप्ताह न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स के निपटान से संबंधित किसी भी अपरिवर्तनीय कदम पर रोक लगाने का आदेश जारी किया. पीटरबरो टेलीग्राफ में प्रकाशित एक अदालती रिपोर्ट में जस्टिस फोर्डहम के हवाले से कहा गया है, ‘ऐसा प्रतीत होता है कि प्रतिवादी (पीटरबरो नगर परिषद) ने खुद ही इस स्थिति को उत्पन्न किया है.’

जस्टिस माइकल फोर्डहम ने कहा, ‘अदालत ने निर्देश लेने को कहा है, लेकिन मुझे कोई ठोस प्रतिक्रिया और व्यावहारिक स्थिति के बारे में कोई पारदर्शिता नहीं दिखी है.’

यह अस्थाई राहत भारत हिंदू समाज धर्मार्थ संस्था की ओर से दायर न्यायिक समीक्षा याचिका के बाद मिली है, जिसने परिसर की बिक्री के खिलाफ अपनी कानूनी चुनौती के लिए धन जुटाने के लिए ऑनलाइन ‘गो फंड मी’ अपील शुरू की और अपने 86,000 पाउंड के लक्ष्य में से लगभग 36,000 पाउंड तेजी से जुटा लिए.

अदालती दस्तावेजों के माध्यम से समूह को पता चला कि परिषद की ओर से संपत्ति अधिग्रहण के लिए बोली लगाने वाली संस्था मस्जिद खदीजा और खदीजा मस्जिद का इस्लामिक सेंटर है. भारत हिंदू समाज का कहना है, ‘इसका परिणाम यह होगा कि भविष्य में एक धार्मिक समूह एक परिसर का मालिक होगा, जबकि दूसरा धार्मिक समूह उसमें (किरायेदार) रहेगा.’

भारत हिंदू समाज ने कहा, ‘हम अब परिषद की ओर से परिसर को बेचने की निर्णय प्रक्रिया को पूरी तरह से चुनौती देने के लिए कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं क्योंकि उक्त प्रक्रिया को हमारे कानूनी विशेषज्ञ अनुचित और गैरकानूनी मानते हैं.’

 

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