Kamal Haasan To Trump: ‘माइंड यॉर ऑन बिजनेस’, रूसी तेल खरीद को लेकर 30 दिन की छूट पर बोले ट्रंप तो भड़के कमल हासन


अभिनेता और राजनेता कमल हासन ने डोनाल्ड ट्रंप को एक ओपन लेटर लिखकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है और अब किसी दूर बैठे देश से आदेश नहीं लेता. कमल हासन ने यह पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया.

हासन ने लिखा, ‘भारत एक आजाद देश है और किसी भी विदेशी शक्ति से निर्देश लेने का समय अब खत्म हो चुका है.’ उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से कहा कि वे अपने काम पर ध्यान दें. उन्होंने कहा कि देशों के बीच आपसी सम्मान ही दुनिया में स्थायी शांति की नींव हो सकता है. चिट्ठी के आखिर में उन्होंने खुद को एक गर्वित भारतीय नागरिक बताया और अपनी पार्टी मक्कल नीधि मैयम के संस्थापक के रूप में हस्ताक्षर किए.

कमल हासन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने भारत को रूस का तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट देने की घोषणा की है. यह छूट भारतीय रिफाइनरियों को रूस से तेल खरीद जारी रखने की अनुमति देती है. यह घोषणा अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने की. स्कॉट बेसेंट ने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और उम्मीद है कि नई दिल्ली भविष्य में अमेरिकी तेल की खरीद भी बढ़ाएगा. यह फैसला ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के कारण ऊर्जा की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है.

अमेरिका का दावा

अमेरिका ने इससे पहले दावा किया था कि भारत रूसी कच्चे तेल की खरीद बंद करने के लिए सहमत हो गया है, लेकिन भारत सरकार की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई. दूसरी ओर रूस ने भी कहा था कि उसे ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि भारत उसकी तेल खरीद कम करने वाला है. रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि भारत की ओर से रूसी ऊर्जा खरीद दोनों देशों के लिए फायदेमंद है और इससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनी रहती है.

इस पूरे घटनाक्रम के पीछे मिडिल ईस्ट में बढ़ता संघर्ष भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सैन्य हमला किया था. इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई थी. इसके बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ गया. जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कई जगहों पर हमले किए, जिससे क्षेत्र के कई तेल और गैस क्षेत्रों को बंद करना पड़ा. इसी कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ा है.





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