अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (8 मार्च 2026) को कहा है कि जब तक ‘सेव अमेरिका एक्ट’ पास नहीं होता, तब तक वह दूसरे बिल साइन नहीं करेंगे. हाल ही में ट्रंप ने अमेरिका में चुनाव और सामाजिक नीतियो में बड़े बदलाव की अपनी मांग को दोहराते हुए सेव अमेरिका एक्ट’ नाम का प्रस्ताव रखा था, जिसमें चुनाव से जुड़े सख्त नियमों का जिक्र किया गया है.
‘सेव अमेरिका एक्ट’ को लेकर ट्रंप का बयान
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में एक्टिविस्ट स्कॉट प्रेसलर ने इस बिल के पास होने की वकालत की. ट्रंप ने सोशल ट्रूथ पर पोस्ट कर लिखा, ‘स्कॉट प्रेसलर ने सेव अमेरिका एक्ट’ पारित कराने की बात कहकर शानदार काम किया है. यह एक्ट सभी मतदाताओं के 88 फीसदी समर्थन का मुद्दा है. इसे तुरंत पारित किया जाना चाहिए. यह बाकी सभी बिलों से ऊपर है. राष्ट्रपति के रूप में, मैं इस बिल के पारित होने तक किसी अन्य बिल पर हस्ताक्षर नहीं करूंगा.’
ट्रंप ने कहा, ‘इस बिल के अंतिम लक्ष्य पर हस्ताक्षर कर पारित करें, जिसमें मतदाता पहचान पत्र और नागरिकता का प्रमाण दिखाना अनिवार्य है. इसके तहत सैन्य कर्मियों (दिव्यांग, बीमार, या जो यात्रा कर रहे हों) को छोड़कर किसी को भी डाक द्वारा वोटिंग करने की अनुमति नहीं होगी’. ट्रंप ने इस बिल को पारित कराने के लिए फिलिबस्टर का उपयोग करने का सुझाव भी दिया.
डेमोक्रेट्स ने इस विधेयक का किया विरोध
सेव अमेरिका एक्ट को सदन के रिपब्लिकन सदस्यों का भरपूर समर्थन प्राप्त है और यह पिछले कुछ वर्षों में निचले सदन से तीन बार पारित हो चुका है. हालांकि, डेमोक्रेट्स ने इस विधेयक का विरोध करते हुए दावा किया है कि इससे पंजीकृत मतदाताओं को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा और लाखों लोग मतदान करने से हिचकेंगे.
अमेरिकी संघीय कानून के तहत गैर-अमेरिकी नागरिकों के लिए मतदान करना पहले से ही गैरकानूनी है और इसके चलते आपराधिक आरोप और देश से निकाले जाने की सजा हो सकती है. डेमोक्रेट्स के अनुसार यह कानून उन मतदाताओं को भी प्रभावित करेगा जो पहले से पंजीकृत हैं, यदि वे अपना पता बदलते हैं, अपना नाम बदलते हैं या किसी अन्य कारण से अपना रजिस्ट्रेशन अपडेट करने की जरूरत होगी.
मिडिल ईस्ट में जंग के बीच ट्रंप ने दिया बयान
यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब मिडिल ईस्ट में अमेरिका लगातार ईरान पर हमला कर रहा है. ट्रंप ईरान को बिना शर्त सरेंडर करने की चेतावनी दे रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति का दावा है कि उसके हमलों के बाद ईरान ने पश्चिम एशिया के अपने उन पड़ोसियों से माफी मांग ली है, जहां ईरान ने हवाई हमले किए, लेकिन मीडिया रिपोर्ट तो कुछ और ही हालात बयां कर रही हैं. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने ऊपर हमला करने वालों के खिलाफ मजबूती से खड़ा है और ताकत से जवाब देगा.