ईरान के सुप्रीम लीडर बनने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मुज्तबा खामेनेई बधाई दी है. पुतिन ने भरोसा जताया है कि मुज्तबा अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के काम को पूरा करेंगे. मुज्तबा के बारे में कहा जाता है कि वे अपने पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई के नेतृत्व में बड़े बिजनेस नेटवर्क का संचालन करते थे. सुप्रीम लीडर का पद मिलने के साथ ही मुज्तबा को देश के सभी मामलों में आखिरी फैसला लेने का हक मिल गया है.
रूस तेहरान के साथ खड़ा रहेगा: पुतिन
क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में पुतिन ने कहा, ‘मुझे पूरा भरोसा है कि आप अपने पिता के काम को सम्मान के साथ करना जारी रखेंगे और मुश्किल समय में ईरानी लोगों को एकजुट करेंगे. मैं तेहरान के लिए हमारे सपोर्ट और ईरानी दोस्तों के साथ हमारी एकता की पुष्टि करना चाहूंगा. रूस तेहरान के साथ खड़ा रहेगा.’ मुज्तबा खामेनेई को लंबे समय से देश के राजनीतिक और धार्मिक संगठन में एक ताकतवर व्यक्ति माना जाता है. हालांकि, वे कभी किसी चुने हुए पद पर नहीं रहे या लीडरशिप के लिए सार्वजनिक रूप से प्रचार नहीं किया.
नहीं टिक पाएगा ईरान का सुप्रीम लीडर: ट्रंप
दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका की अनुमति के बिना ईरान का सुप्रीम लीडर ज्यादा दिन पर टिक नहीं सकता है. ABC न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ‘ईरान के सुप्रीम लीडर की नियुक्ति हमारी मंजूरी के बगैर नहीं हो सकती है. वॉशिंगटन की मंजूरी के बिना नया सुप्रीम लीडर ज्यादा दिन नहीं टिकेगा.’
मुज्तबा ने दशकों तक पूर्व सुप्रीम लीडर के करीबी लोगों के साथ काम किया है, लेकिन फिर भी वे ज्यादातर लोगों की नजरों से दूर रहे हैं. अपने पिता के पूरे नेतृत्व के दौरान, मुज्तबा खामेनेई के बारे में माना जाता था कि वे पर्दे के पीछे, खासकर सुप्रीम लीडर के ऑफिस और कंजर्वेटिव राजनीतिक नेटवर्क में काफी असर रखते थे.
सुप्रीम लीडर की रेस में ये नाम थे शामिल
ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के चुनाव की रेस में कई लोगों का नाम सामने आया. हालांकि, मुज्तबा के नाम को लेकर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से ही चर्चा हो रही थी, लेकिन बाद में इस रेस में कई अन्य नाम भी आए. मुज्तबा के अलावा, इस रेस में आयतुल्ला सैय्यद मोहम्मद मेहदी मीर बाघेरी, हसन खुमैनी, गोलाम-होसैन मोहसिनी-एजेई और अयातुल्ला अली रेजा अराफी का नाम था.