ईरान में जारी जंग के बीच दुनिया भर के देशों में तेल संकट गहरा गया है. ऐसे में भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद नहीं किया है. यह खुला हुआ है. मौजूदा हालात और स्थितियों की वजह से जहाज होर्मुज से गुजरने में असमर्थ है. ईरान कभी नहीं चाहता था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो या अवरुद्ध हो. कुछ अभी भी वहां से गुजर रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस युद्ध जिन्होंने की है, उन्हीं को इसे रोकना होगा. इस युद्ध के कारण दुनियाभर में बहुत से लोग कष्ट में हैं. दुनिया के नेताओं को एकजुट होकर अमेरिका के राष्ट्रपति पर प्रेशर बनाना चाहिए. उनसे आग्रह करना चाहिए कि वे इस अन्यायपूर्ण युद्ध को तुरंत रोकें.
#WATCH | Delhi: Dr Abdul Majid Hakeem Ilahi, representative of Iran’s Supreme Leader in India, says, “…Iran has not closed the Strait. It remains open; however, due to current conditions and circumstances, ships are unable to pass through the Hormuz. Otherwise, Iran never… pic.twitter.com/pfQHGHIjY7
— ANI (@ANI) March 13, 2026
भारत हमारा दोस्त है, जानें क्या बोले ईरान के राजदूत फथाली
भारत को सुरक्षित रास्ता देने के मुद्दे पर ईरान के भारत में तैनात राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा है कि हां क्योंकि भारत हमारा दोस्त है. आप इसे दो या तीन घंटों के भीतर देख लेंगे. हमारा मानना है कि इस इलाके में ईरान और भारत के हित एक दूसरे से जुड़े हुए हैं.
इसके अलावा ईरान के राजदूत ने दोनों देशों के रिश्तों के बारे में भी बात की. इसे दोस्ती और सहयोग पर आधारित बताया. इसके अलावा हमारा मानना है कि ईरान और भारत दोस्त हैं. हमारे हित एक जैसे हैं. हमारी आस्था एक जैसी है. उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि ईरान और भारत दोस्त हैं. हमारे हित एक जैसे हैं. हमारी आस्था एक जैसी है. इस दौरान ईरानी राजदूत ने मुश्किल समय में ईरान को समर्थन देने में भारत की भूमिका का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत में राजदूत के तौर पर कहता हूं, इस स्थिति में युद्ध के बाद भारत सरकार ने अलग अलग क्षेत्रों में हमारी मदद की.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक ऐसा गलियारा है, जिसे वैश्विक एनर्जी का केंद्र माना जाता है. होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. इससे वैश्विक तेल और गैस शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है. इस रास्ते में रुकावट का असर पहले से ही एनर्जी मार्केट और इंटरनेशनल बिजनेस पर पड़ रहा है. इसमें भारत भी शामिल है. भारत इस क्षेत्र से अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा आयात करता है. भारत को सुरक्षित रास्ता देने को लेकर ये टिप्पणियां ऐसे समय आई है, जब पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच सरकारें और शिपिंग कंपनियां इस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास के इलाके में नजर रख रही हैं.