लोकसभा में कांग्रेस ने इजरायल को लेकर भारत की विदेश नीति पर किया सवाल, जानें सरकार ने क्या कहा?


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

लोकसभा में कांग्रेस सांसद शफी परम्बिल ने शुक्रवार (13 मार्च, 2026) को इजरायल को लेकर भारत की विदेश नीति पर सरकार से सवाल पूछा. शफी परम्बिल ने पूछा कि गाजा पट्टी में चल रहे वर्तमान राजनीतिक और मानवीय संकट पर भारत की आधिकारिक स्थिति क्या है और क्या इजरायल के प्रति भारत की विदेश नीति में कोई बदलाव आया है. यदि हां, तो उसका विवरण क्या है?

कांग्रेस सांसद के सवाल पर सरकार ने क्या कहा?

कांग्रेस सांसद के सवाल का जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने कहा कि फिलिस्तीन और इजरायल के प्रति भारत की नीति लंबे समय से चली आ रही है. भारत मध्य-पूर्व में न्यायपूर्ण, व्यापक और स्थायी शांति प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर 2024 में न्यूयॉर्क में आयोजित समिट ऑफ द फ्यूचर के अवसर पर फिलिस्तीन के राष्ट्रपति से मुलाकात की और इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत की सिद्धांतगत स्थिति को दोहराया. जबकि फरवरी 2026 में इजराइल की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देने वाले सभी प्रयासों के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया.

भारत ने कूटनीति और संवाद से हल का किया आह्वानः मार्गेरिटा

विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने कहा कि भारत ने गाजा में मानवीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की है और फिलिस्तीन के लोगों तक मानवीय सहायता की सुरक्षित, समयबद्ध और निरंतर आपूर्ति की आवश्यकता पर बल दिया है. भारत ने नागरिकों की मौत की निंदा की है और युद्धविराम, सभी बंधकों की रिहाई और संवाद और कूटनीति के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया है. भारत ने गाज़ा शांति योजना का भी स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि स्थायी शांति के सभी प्रयासों के प्रति भारत के समर्थन की पुनः पुष्टि विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 13 अक्टूबर, 2025 को शर्म अल-शेख में आयोजित गाजा शांति शिखर सम्मेलन में भी की है.

भारत ने अब तक कितनी मानवीय मदद दी?

मार्गेरिटा ने आगे कहा कि संघर्ष की शुरुआत से अब तक भारत ने लगभग 70 मीट्रिक टन मानवीय सहायता प्रदान की है, जिसमें 16.5 मीट्रिक टन दवाइयां और चिकित्सा सामग्री शामिल हैं, जिन्हें अक्टूबर-नवंबर 2023 में दो चरणों में भेजा गया था. इसके अलावा, अक्टूबर और नवंबर 2024 में भारत ने 65 टन दवाइयां संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) और फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजीं.

उन्होंने कहा कि शुरुआत से अब तक भारत ने कुल 12.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता भी प्रदान की है, जिसमें 2025 में दिए गए 5 मिलियन डॉलर भी शामिल हैं, जो UNRWA को दिए गए.

यह भी पढ़ेंः Iran US War: कौन हैं ईरान के वो साइलेंट साथी? जिनकी मदद से मुज्तबा खामनेई कर रहे इजरायल और US से मुकाबला



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *