Russian Crude Oil Price: ईरान-अमेरिका की जंग में रूस की बंपर कमाई, प्रीमियम कीमत पर बिक रहा तेल, हर दिन 150 मिलियन डॉलर का मुनाफा


ईरान में चल रहे युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी देखने को मिल रही है. हाल ही में ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. अभी भी यह 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रही है. इस स्थिति से कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है, लेकिन रूस को इससे बड़ा आर्थिक फायदा हो रहा है. तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो गई है. यह रूट बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत इसी रास्ते से गुजरता है. सप्लाई कम होने से बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं.

Kepler की रिपोर्ट के अनुसार रूस इस समय अपना तेल प्रीमियम दाम पर बेच रहा है. इससे उसे रोजाना करीब 150 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त कमाई हो रही है. अनुमान है कि अगर यही स्थिति बनी रहती है तो इस महीने के आखिर तक रूस की कमाई करीब 4 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है. युद्ध शुरू होने से पहले रूस का तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में छूट यानी डिस्काउंट पर बिक रहा था, लेकिन जैसे ही होर्मुज मार्ग से सप्लाई प्रभावित हुई, रूसी तेल की मांग तेजी से बढ़ गई. इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत कुछ देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट दी है. हालांकि स्कॉट बेसेंट का कहना है कि इससे रूस को बहुत ज्यादा आर्थिक फायदा नहीं होगा.

रूस के यूराल क्रूड की कीमत में बढ़ोतरी

तेल बाजार के आंकड़ों के अनुसार रूस के यूराल क्रूड की कीमत युद्ध शुरू होने के बाद लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है. शिपिंग डेटा के मुताबिक फरवरी में रूस समुद्र के रास्ते रोजाना लगभग 3.18 मिलियन बैरल तेल भेज रहा था, जो मार्च में बढ़कर करीब 4.56 मिलियन बैरल तक पहुंच गया. पहले पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण रूस को अपना तेल Brent Crude Oil के मुकाबले करीब 10 डॉलर प्रति बैरल सस्ता बेचना पड़ता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं और रूसी तेल लगभग 5 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम पर बिक रहा है.

एशिया के कई देशों में तेल की कमी

मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण एशिया के कई देशों में भी तेल की कमी की चिंता बढ़ गई है. ऐसे में पाकिस्तान, बांग्लादेश और थाईलैंड जैसे देश भी रूसी तेल खरीदने पर विचार कर रहे हैं. अभी तक रूस के समुद्री तेल निर्यात का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा चीन, भारत और तुर्किए को जाता रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार (13 मार्च 2026) को तेल की कीमतों में फिर तेजी देखी गई. ब्रेंट क्रूड ऑयल 2.67 प्रतिशत बढ़कर 103.1 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि पश्चिम टेक्सास इंटरमीडिएट 3.11 प्रतिशत बढ़कर 98.71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

अमेरिका का खर्ग द्वीप पर हमला

इस बीच अमेरिका ने खर्ग द्वीप में ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान अपनी गतिविधियां नहीं रोकता है तो उसके तेल प्रतिष्ठानों पर और हमले किए जा सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो आने वाले समय में तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं.



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