Iran US War: हमलों के बीच मिडिल ईस्ट के फुजैराह बंदरगाह से बचकर निकला भारतीय टैंकर, जानें कितना तेल पहुंचेगा देश


मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच फुजैराह बंदरगाह पर एक भारतीय तेल टैंकर हमले से बचकर भारत की ओर रवाना हो गया है. यह जानकारी सरकार ने रविवार को दी. सरकार की तरफ से बताया गया है कि यूएई के फुजैराह बंदरगाह पर हुए ड्रोन हमले के दौरान भारत का झंडा लगा, एक तेल टैंकर पूरी तरह सुरक्षित रहा. वह अब 80,800 मीट्रिक टन कच्चे तेल का माल लेकर भारत की ओर रवाना हो गया है. 

इधर, सरकार की तरफ से एक बयान में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. शनिवार के बाद से भारतीय नाविकों से जुड़ी किसी भी घटना की रिपोर्ट नहीं मिली है. भारत का झंडा लगा जग लाडकी टैंकर फुजैराह में कच्चा तेल लोड कर रहा था. तभी बंदरगाह के तेल टर्मिनल पर हमला हो गया. 

सरकार ने और क्या जानकारी दी है?
इसके अलावा बयान में कहा गया है कि यह जहाज रविवार को भारतीय समयानुसार सुबह 10.30 बजे फुजैराह से सुरक्षित रूपसे रवाना हो गया. जहाज में सवार सभी नागरिक सुरक्षित हैं. भारत के झंडे वाले दो एलपीजी वाहक जहाज शिवालिक और नंदा देवी भई शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के बाद 92712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर बंदरगाहों की तरफ बढ़ रहे हैं. वह 16 मार्च को मुंद्रा बंदरगाह और 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंचेंगे. 

भारत के 22 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मौजूद
इसके अलावा भारत के करीबन 22 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मौजूद हैं. इसमें 611 भारतीय नाविक सवार हैं. शिपिंग महानिदेशालय इनपर नजर रख रहा है. महानिदेशालय ने करीबन 276 भारतीय नाविकों की वतन वापसी में मदद की है. इनमें शनिवार को वापस लाए गए 23 नाविक भी शामिल हैं. 

युद्ध में अबतक 2 हजार नागरिकों की मौत

इस युद्ध में अबतक 2 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इनमें ज्यादातर ईरान के नागरिक हैं. हालात को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों को इराक छोड़ने के निर्देश दिए हैं. इधर, युद्ध के हालात के चलते ग्लोबल मार्केट में उथल पुथल देखने को मिली है. एल्युमीनियम की कीमतों में उछाल देखने को मिला है. करीबन 3 लाख बैर तेल की सप्लाई रोक दी गई है. 

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