SRS ग्रुप केस में बड़ा अपडेट! 2312 होम बायर्स को 650 करोड़ की प्रॉपर्टी लौटाने का कोर्ट का आदेश


रियल एस्टेट कंपनी SRS ग्रुप से जुड़े बड़े धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हजारों होम बायर्स को बड़ी राहत मिली है. गुरुग्राम की PMLA स्पेशल कोर्ट ने 11 मार्च 2026 को आदेश दिया है कि करीब 650 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां 2312 असली होम बायर्स को वापस दी जाएं. कोर्ट के आदेश के तहत जिन प्रोजेक्ट्स की प्रॉपर्टी वापस की जा रही है उनमें SRS सिटी, SRS पर्ल फ्लोर, SRS पर्ल टावर, SRS रेजिडेंसी, SRS रॉयल हिल्स, SRS प्राइम फ्लोर, SRS पर्ल यूनिटी, SRS अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट, SRS पर्ल हाइट और SRS रिट्रीट फार्म्स जैसे कई प्रोजेक्ट शामिल है..इन प्रोजेक्ट्स में फ्लैट और प्लॉट दोनों शामिल है.

ईडी ने पूरे मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

इस पूरे मामले की जांच ED ने 81 एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. ये एफआईआर फरीदाबाद, दिल्ली और CBI में भारतीय दंड संहिता (IPC) की अलग-अलग धाराओं के तहत दर्ज की गई थी. जांच में सामने आया कि SRS ग्रुप ने निवेशकों और बैंकों के साथ करीब 2200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की. कंपनी रियल एस्टेट और फाइनेंसिंग के कारोबार में थी. आरोप है कि कंपनी के प्रमोटरों ने लोगों को झूठे वादे करके निवेश करवाया और बाद में पैसों का दुरुपयोग किया.

ईडी की जांच में और क्या जानकारी सामने आई है?

ED की जांच में ये भी पता चला कि आरोपियों ने निवेशकों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर अपने प्रोजेक्ट्स में पैसा लगवाया. इसके बाद इन पैसों को सैकड़ों शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया और वहां से मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए पैसे घुमाए गए.

इस मामले में ED ने पहले ही करीब 2215.98 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर ली थी. इसके बाद 29 अगस्त 2022 को गुरुग्राम की PMLA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी. कोर्ट ने 31 अक्टूबर 2022 को इसका संज्ञान लिया और 3 नवंबर 2025 को आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए.

कोर्ट ने इन तीन आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया

इस केस में तीन आरोपी प्रवीण कुमार कपूर, सुनील जिंदल और जितेंद्र गर्ग को कोर्ट ने भगोड़ा अपराधी  घोषित किया था. इसके बाद ED ने इनके खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने का अनुरोध किया. इंटरपोल के नोटिस के आधार पर प्रवीण कुमार कपूर को अमेरिका के नेवर्क इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोक लिया गया और 2 नवंबर 2025 को उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया.. फिलहाल वो फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद है. वहीं, सुनील जिंदल और जितेंद्र गर्ग को कोर्ट ने 15 जनवरी 2026 को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया.ं

इससे पहले भी ED इस मामले में 78 फ्लैट, जिनकी कीमत करीब 20.15 करोड़ रुपये थी, असली होम बायर्स को वापस कर चुकी है. ताजा आदेश के बाद अब तक इस केस में करीब 670 करोड़ रुपये की संपत्ति पीड़ित होम बायर्स को लौटाई जा चुकी है. इस मामले में अदालत में अभी ट्रायल जारी है.

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