Bihar Diwas 22 March: बिहार के गौरव के 114 साल, PM मोदी और CM नीतीश ने दी स्थापना दिवस की बधाई


बिहार इस साल 2026 को अपना 114 वां स्थापना दिवस मना रहा है. इस मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बधाई दी है. उन्होंने लिखा कि बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के अपने सभी परिवारजनों को अनेकानेक शुभकामनाएं. भारतीय विरासत को भव्यता और दिव्यता प्रदान करने वाला हमारा यह प्रदेश आज प्रगति के नित-नए अध्याय गढ़ने में जुटा है. मुझे विश्वास है कि विकसित बिहार के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में यहां के कर्मठ एवं ऊर्जावान लोगों का समर्पण और सामर्थ्य बहुत काम आएगा.

बिहार दिवस के मौके पर सीएम नीतीश कुमार ने भी मैसेज दिया है. माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने बिहार दिवस के अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा कि  बिहारवासी आपसी एकता, भाईचारा, सामाजिक समरसता एवं सद्भाव बनाए रखते हुए राज्य के गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे. उन्होंने बिहार के संकल्प को साकार करने हेतु सभी बिहारवासियों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया है. माननीय मुख्यमंत्री जी ने अपने संदेश में कहा कि बिहार का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है और वर्तमान में हम सबके निश्चय एवं प्रयासों से बिहार का उज्ज्वल भविष्य आकार ले रहा है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का खास मैसेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार के अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी बिहार दिवस पर शुभकामनाएं दी. उन्होंने लिखा कि देश-विदेश में रहने वाले बिहार के सभी लोगों को बिहार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. विश्व के प्रथम गणराज्य की भूमि होने के साथ-साथ, गौरवशाली साम्राज्यों  और महान सांस्कृतिक-आध्यात्मिक धाराओं को जन्म देने वाली इस धरती ने विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दे कर, भारत-भूमि को सदैव समृद्ध किया है. मुझे  विश्वास है कि राज्य के निवासी अपनी असीम प्रतिभा और परिश्रम से, बिहार और पूरे देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. मैं राज्य के और सभी निवासियों के, स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना करती हूं.

बिहार दिवस मनाने की शुरुआत कब हुई थी?

बिहार दिवस मनाने की शुरुआत साल 2010 में हुई थी. इसे बिहार सरकार ने आधिकारिक तौर पर शुरू किया था. इसका मुख्य उद्देश्य बिहार के इतिहास, संस्कृति और पहचान को सम्मान देना है, ताकि लोग अपने राज्य पर गर्व महसूस करें. 22 मार्च को बिहार दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन साल 1912 में बिहार को बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग करके एक नया राज्य बनाया गया था. उस समय बिहार और उड़ीसा (आज का ओडिशा) एक साथ एक ही प्रांत थे. बाद में साल 1936 में उड़ीसा अलग राज्य बन गया और बिहार अलग पहचान के साथ आगे बढ़ा.

बिहार दिवस मनाने का मकसद

बिहार दिवस मनाने का मकसद सिर्फ एक तारीख को याद करना नहीं है, बल्कि अपने राज्य की पहचान और गौरव को दिखाना भी है. इस दिन बिहार के इतिहास को याद किया जाता है और लोगों को बताया जाता है कि उनका राज्य कितना समृद्ध और महत्वपूर्ण रहा है. साथ ही इस दिन बिहार की संस्कृति, परंपरा, लोक कला, संगीत, नृत्य और खान-पान को भी बढ़ावा दिया जाता है. इस मौके पर सरकार अपनी योजनाओं और राज्य की प्रगति को भी लोगों के सामने रखती है, ताकि यह बताया जा सके कि बिहार किस तरह आगे बढ़ रहा है.

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