अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दुनिया के नक्शे से मिटाने के दावों के बीच खाड़ी देश के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने रविवार (22 मार्च, 2026) को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हम बेबुनियाद धमकियों से नहीं डरते हैं. ईरान के नक्शे से मिटाने का भ्रम एक इतिहास रचने वाले देश की इच्छा के खिलाफ निराशा को दिखाता है.
दरअसल, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की यह प्रतिक्रिया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम का बाद सामने आया है. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर कर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान को धमकी के साथ अल्टीमेटम दिया. उन्होंने कहा कि अगर ईरान अगले 48 घंटों यानी दो दिन के भीतर बिना किसी शर्त और धमकी के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरान के पॉवर प्लांट्स पर जोरदार बमबारी कर उन्हें पूरी तरह से तबाह कर देगा.
ट्रंप के अल्टीमेटम पर ईरानी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने ट्रंप के अल्टीमेटम को और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दुनिया भर के देशों के लिए बंद होने को लेकर कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी के लिए खुला है, सिवाय उनके जो हमारी जमीन, अधिकारों और संप्रभुता का हनन करते हैं. हम इस जंग के मैदान में मिलने वाली सभी बेतरतीब धमकियों का मजबूती से सामना करने के लिए तैयार हैं.
The illusion of erasing Iran from the map shows desperation against the will of a history-making nation. Threats and terror only strengthen our unity. The Strait of Hormuz is open to all except those who violate our soil. We firmly confront delirious threats on the battlefield.
— Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) March 22, 2026
पानी का स्टॉक जमा कर लें और फोन चार्ज कर लेः इस्फहानी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अल्टीमेटम के बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के सहयोगी इस्माइल सेकब इस्फहानी ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के जरिए देश के लोगों से अपील की वे अगले दो दिनों में अपने लिए पानी का स्टॉक इकट्ठा कर लें और अपने फोन को पूरी तरह से चार्ज रखें. उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप की ओर से दबाव बढ़ा दिया गया है और अगर अगले 48 घंटों में अमेरिका या इजरायल ईरान के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाते हैं तो इससे पूरे इलाके पर बड़ा असर पड़ सकता है.
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