ईरान ने अमेरिका की ओर से शांति वार्ता को लेकर की जा रही कोशिशों को झूठा बताया. तेहरान ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमें दो बार धोखा दिया है. ईरान को लगातार तबाह करने की धमकी देने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति अब अचानक शांति की बात करने लगे हैं. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने अमेरिका का शांति प्रस्ताव ईरान को सौंपा, जिसे तेहरान ने स्वीकार करने से मना कर दिया.
ट्रंप प्रशासन की सीजफायर से जुड़ी रिपोर्ट के सामने आने के बाद, बुधवार (25 मार्च 2026) को ग्लोबल स्टॉक मार्केट में मामूली तेजी देखी गई, जबकि तेल की कीमतें थोड़ी नीचे गिर गई. अभी यह बिल्कुल भी साफ नहीं है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत हो भी रही है या नहीं. अगर बातचीत हो भी रही है तो क्या दोनों देश सफलतापूर्वक कोई समझौता कर पाएंगे क्योंकि युद्ध को खत्म करने को लेकर उनकी मांगें एक-दूसरे से अभी भी बहुत ज्यादा अलग हैं.
ट्रंप ने दो बार धोखा दिया: ईरान
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता में मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे देशों से कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें अब दो बार धोखा दिया है और वे फिर से मूर्ख नहीं बनना चाहते.
अमेरिका ने ईरान को युद्ध खत्म करने और उसके परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने के लिए एक 15-सूत्रीय प्लान भेजा था. द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, ‘ईरान समझौता करना चाहता है. यह प्रस्ताव मध्यस्थों के माध्यम भेजा गया है. इसमें लड़ाई रोकने, ईरान की परमाणु गतिविधियों पर रोक लगाने और क्षेत्र में नया रूप देने के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार की गई है.
अमेरिका के प्रस्ताव में क्या-क्या?
प्लान में कहा गया है कि ईरान अपने तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों को बंद करे, अपने देश में यूरेनियम एनरिचमेंट पूरी तरह रोक दे और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को भी निलंबित कर दे. साथ ही, ईरान द्वारा प्रॉक्सी समूहों को दी जा रही मदद पर भी रोक लगाने और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने की बात कही गई है. इस योजना में एक महीने के युद्धविराम का प्रस्ताव भी है.