केरलम के CM पिनराई विजयन ने FCRA में प्रस्तावित संशोधन के प्रावधानों पर जताई चिंता, PM मोदी को लिखी चिट्ठी


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केरलम के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) में प्रस्तावित संशोधनों के कुछ प्रावधानों पर चिंता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि बिल के ड्राफ्ट की कुछ धाराओं ने देशभर के अल्पसंख्यक समुदायों और धार्मिक संस्थाओं के बीच गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं.

इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि इन संशोधनों को आगे बढ़ाने से पहले इस पर एक बार फिर से विचार किया जाए. यह जानकारी केरलम के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर साझा की है.

FCRA के प्रस्तावित संशोधनों में क्या कहा गया?

केरलम के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, प्रस्तावित विधेयक के एक प्रमुख प्रावधान में कहा गया है कि अगर FCRA रजिस्ट्रेशन के रिन्यूअल के लिए आवेदन को तय समय सीमा के अंदर अस्वीकार कर दिया जाता है या उस पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को स्वतः रद्द माना जाएगा और ऐसी स्थिति में फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन्स और उससे जुड़ी संपत्तियां केंद्र सरकार की तरफ से नामित किसी अथॉरिटी के कंट्रोल में चली जाएंगी.

पीएम मोदी को लिखे पत्र में क्या बोले CM पिनराई विजयन?

मुख्यमंत्री विजयन ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा कि मौजूदा FCRA, 2010 आम जनता के हित के खिलाफ जाने वाली किसी भी गतिविधि से निपटने के लिए पर्याप्त है. उन्होंने चिंता जताई कि रिन्यूअल प्रक्रिया में तकनीकी देरी या प्रक्रिया के दौरान हुई गलतियों के कारण रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है और केंद्र सरकार की ओर से अस्थायी रूप से संपत्तियों का अधिग्रहण किया जा सकता है.

उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय सीमा में रजिस्ट्रेशन का रिन्यूनल न होने पर, मामूली तकनीकी कारणों से भी संपत्तियों की जब्ती हो सकती है. देश के विभिन्न हिस्सों में अल्पसंख्यक समुदायों के पूजा स्थलों पर कथित हमलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी चिंताएं पूरी तरह से सही और गंभीर हैं. इसके साथ ही, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पत्र के आखिर में अनुरोध किया है कि इस विधेयक को आगे बढ़ाने से पहले अल्पसंख्यक समूहों और अन्य हितधारकों की ओर से उठाई गई चिंताओं का समाधान किया जाए.

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