Pakistan To Repay Saudi Load: पाकिस्तान इस समय आर्थिक और ऊर्जा संकट के दोहरे दबाव से जूझ रहा है. ताजा घटनाक्रम में पाकिस्तान ने United Arab Emirates (यूएई) की मांग पर दो अरब डॉलर का कर्ज लौटाने का फैसला किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह रकम पहले भुगतान संतुलन (Balance of Payments) को सहारा देने के लिए दी गई थी और स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में सुरक्षित जमा के रूप में रखी गई थी.
कर्ज चुकाएगा पाकिस्तान
अब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran से जुड़े युद्ध हालात के बीच यूएई ने इसे तत्काल वापस मांगा है, जिसे पाकिस्तान इस महीने के अंत तक लौटा सकता है.
इसी बीच, बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों का सीधा असर पाकिस्तान में देखने को मिला है. United States, Israel और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है. पेट्रोल की कीमत करीब 43% बढ़ाकर 458.41 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल 55% बढ़कर 520.35 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. इसके अलावा, केरोसिन तेल की कीमत भी बढ़ाई गई है.
सरकार ने पेट्रोलियम शुल्क में भी बदलाव किया है. पेट्रोल पर टैक्स बढ़ाकर 160 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर शुल्क घटाकर शून्य कर दिया गया है ताकि कुछ राहत दी जा सके. पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री Ali Pervaiz Malik ने इसे “मुश्किल लेकिन जरूरी फैसला” बताया है.
महंगा किया पेट्रोल-डीजल
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम एक तरफ बढ़ती खपत को नियंत्रित करने और दूसरी तरफ सीमित संसाधनों के बीच आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाया गया है. हालांकि, सरकार अभी भी मोटरसाइकिल चालकों, किसानों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को सीमित सब्सिडी दे रही है.
कर्ज चुकाने का दबाव और महंगे ईंधन ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है, जिससे आम जनता पर महंगाई का असर और बढ़ने की आशंका है.