होर्मुज से सुरक्षित निकला भारत का 7वां LPG टैंकर तो ईरान ने भेजा खास मैसेज! जलभुन जाएगा पाकिस्तान


मिडिल ईस्ट में जारी जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है. वहीं शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को भारत का सातवां एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन सान्वी’ होर्मुज स्ट्रेट को पार कर भारत की ओर बढ़ रहा है. इसे लेकर ईरान ने भारत के लिए विशेष संदेश शेयर किया. मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि भारत और विशेष रूप से गुजरात हमारे साझा इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है.

ईरान ने भारत को भेजा खास मैसेज

ईरानी वाणिज्य दूतावास ने गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के पोस्ट पर रिप्लाई में ये बातें कही. हर्ष संघवी ने होर्मुज स्ट्रेट एलपीजी टैंकर के गुजरने को भारत की कूटनीतिक जीत बताया था. इसका जवाब देते हुए ईरान ने कहा, ‘भारत हमारे साझा इतिहास में एक विशेष स्थान रखता है. सदियों पहले यहां के लोगों ने हमारे देश का खुशी-खुशी स्वागत किया था.’ उन्होंने गुजरात के प्राचीन बंदरगाह लोथल का संदर्भ दिया, जो लगभग 4,000 वर्ष पूर्व सिंधु घाटी के शहरों को फारसी तट से जोड़ता था.

होर्मुज स्ट्रेट को पार कर भारत पहुंचा शिप

ईरान ने कहा, ‘इस अटूट बंधन को आधार बनाते हुए हम मित्रता और सहयोग के संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’ अब तक एलपीजी के 6 जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करके भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच चुके हैं.  इस रास्ते से दुनिया की कुल तेल जरूरतों का पांचवां हिस्सा पूरा होता है. लगभग 17 भारतीय जहाज होर्मुज के पश्चिम में फंसे हुए हैं. इस रास्ते के बंद होने से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जो लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है.

होर्मुज स्ट्रेट को पांच देशों के लिए खोला

ईरान ने जहां एक ओर दुश्मन देश के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने से रोक दिया है, वहीं दूसरी ओर उसने इस गलियारे को पांच मित्र देशों भारत, रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान के लिए खोल दिया है. ईरान ने कहा है कि वह इजरायल के हमलों का जवाब देगा और उससे जुड़े किसी भी जहाज को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने नहीं देगा. इसके अलावा, ईरान ने इस होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की योजना को भी मंजूरी दे दी है.

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