ईरान पर अब इस हथियार से आग बरसाएंगे डोनाल्ड ट्रंप, 930 KM दूर तक तबाही मचाने में सक्षम


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जारी संघर्ष के एक बार फिर तेज होने की आशंका है. दरअसल, ऐसा बताया जा रहा है अमेरिका ने अपने वैश्विक हथियार भंडार से भारी संख्या में लंबी दूरी की मिसाइलों को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई में तैनात करने का फैसला किया है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना अपनी JASSM-ER (जॉइंट एयर-टू-सर्फेस स्टैंडऑफ मिसाइल-एक्सटेंडेड रेंज) लॉन्ग रेंज मिसाइल इंवेंट्री का करीब 82 प्रतिशत हिस्सा इस अभियान में लगाने की तैयारी कर रही है. इसके बाद दुनिया के अन्य हिस्सों के लिए सिर्फ करीब 425 मिसाइलें ही बचेंगी.

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को दी धमकी

यह घटनाक्रम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बुधवार (1 अप्रैल, 2026) को ईरान को दी गई उस सख्त धमकी के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि या तो ईरान उनके प्रस्तावित शांति समझौते को मान ले, नहीं तो उसे गंभीर सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार (4 अप्रैल, 2026) को एक और बयान जारी करते हुए कहा कि ईरान के पास अब सिर्फ 48 घंटे का समय है. अगर इस समय सीमा में समझौता नहीं हुआ, तो स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है. उन्होंने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट शेयर कर कहा, ‘याद रहे कि मैंने ईरान को 10 दिन दिए थे समझौता करने के लिए या होर्मुज खोलने के लिए. समय खत्म हो रहा है, अब 48 घंटे बचे हैं, वरना सब कुछ तबाह हो जाएगा.’

कितनी घातक है अमेरिका का JASSM-ER मिसाइल?

JASSM मिसाइलें अमेरिका के लॉन्ग रेंज और शॉटर रेंज दोनों वेरिएंट्स में शामिल है. इसमें JASSM-ER मिसाइल अत्याधुनिक क्रूज मिसाइलों में से एक है, जिसे लॉकहीड मार्टिन ने साल 2001 में विकसित किया है और यह पिछले दो दशक से अमेरिकी सेना को सप्लाई की जा रही है. अमेरिका की यह मिसाइल खासतौर पर हवा से जमीन पर लंबी दूरी तक सटीक हमला करने के लिए डिजाइन की गई है, जिससे दुश्मन के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम को भी आसानी से पार किया जा सकता है.

इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबी मारक क्षमता है. यह 500 नॉटिकल माइल्स (करीब 930 किलोमीटर) से भी अधिक दूरी तक सटीक निशाना साध सकती है. इसे अमेरिकी वायुसेना के F-15E, F-16 जैसे लड़ाकू विमानों के साथ-साथ B-1B, B-2 और B-52 जैसे बॉम्बर विमानों से भी लॉन्च किया जा सकता है. इसमें 1000 पाउंड का शक्तिशाली वारहेड लगा होता है, जो बंकर, सैन्य अड्डे और दुश्मन के रणनीतिक ठिकानों को आसानी से तबाह में सक्षम है.

यह भी पढ़ेंः होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ट्रंप ने ईरान को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, कहा- नहीं माना तो बरपेगा कहर



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *