अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए मंगलवार (7 अप्रैल 2026) को सभ्यता मिटाने वाली धमकी दी. इसके बाद पूरी दुनिया में हलचल बढ़ गई कि कहीं अमेरिकी ईरान पर न्यूक्लियर अटैक तो नहीं करने वाला है. इस बीच व्हाइट हाउस ने साफ किया कि वह ईरान में परमाणु हथियार इस्तेमाल करने पर विचार नहीं कर रहा है.
परमाणु हथियार को लेकर व्हाइट हाउस का बयान
जेडी वेंस ने कहा था कि अमेरिकी सेना के पास ऐसे उपकरण हैं जिनका उपयोग उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े अल्टीमेटम को लागू करने के लिए अभी तक तय नहीं किया है. वेंस के इस बयान पर एक न्यूज चैनल ने सवाल पूछा कि क्या अमेरिका ईरान पर परमाणु हमला करने जा रहा है. इस पर व्हाइट हाउस ने कहा कि उपराष्ट्रपति के बयान में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे ये लगे कि यूएस परमाणु हमला करने वाला है.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, ‘अमेरिका इस बात को लेकर आश्वस्त है कि बातचीत जारी है और तय समय के भीतर कोई जवाब मिल सकता है. हमारे पास ऐसे साधन मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल करने का फैसला हमने अब तक नहीं किया है. राष्ट्रपति उनका इस्तेमाल करने का फैसला कर सकते हैं. अगर ईरानी अपना रवैया नहीं बदलता तो वे निश्चित रूप से उनका इस्तेमाल करेंगे.’
ट्रंप की ईरान को डेडलाइन
ईरान के लिए डेडलाइन फिक्स करते हुए ट्रंप ने कहा था कि अगर तेहरान तय समय से पहले अमेरिका से समझौता नहीं करता है तो कार्रवाई कभी भी हो सकती है और यह मंगलवार रात भी हो सकती है. व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा था कि उन्हें लगता है कि ईरान के नेता बातचीत तो कर रहे हैं, लेकिन अभी स्पष्ट नहीं है कि कोई समझौता होगा या नहीं.
ईरान ने भी अस्थायी युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. इस बीच इजरायल ने भी ईरान के रेलवे सिस्टम को उड़ाने की धमकी दी. आईडीएफ ने ईरानियों को रेल सेवा का इस्तेमाल न करने की सलाह दी. इसके बाद दोपहर होते-होते कई ठिकानों पर हमला कर दिया. उत्तर-पश्चिम ईरान में तबरीज-जंजान हाईवे पर बने एक पुल, याह्या अबाद रेलवे पुल समेत खार्ग द्वीप को निशाने पर लिया गया.
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