डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर वाले ऐलान पर ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का पहला रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने ईरान की सेना को गोलीबारी रोकने का आदेश दिया है, लेकिन चेतावनी भी दी है कि यह युद्ध का अंत नहीं है. ईरान ने क्लीयर कर दिया है कि सीजफायर का मतलब युद्ध की समाप्ति नहीं है और दुश्मन द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने पर उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.
सरकारी चैनल इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) पर पढ़े गए एक बयान में खामेनेई ने कहा, ‘यह युद्ध का अंत नहीं है, लेकिन सभी सैन्य शाखाओं को सर्वोच्च नेता के आदेश का पालन करना चाहिए और गोलीबारी बंद कर देनी चाहिए.’
ट्रंप ने किया था सीजफायर का ऐलान
युद्धविराम की घोषणा के बाद जारी एक बयान में ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा, ‘यह स्पष्ट किया जाता है कि इसका अर्थ युद्ध की समाप्ति नहीं है. हमारे हाथ ट्रिगर पर हैं और यदि दुश्मन द्वारा जरा सी भी गलती की जाती है तो उसका पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा.’
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘मैं ईरान पर बमबारी और हमले को दो सप्ताह की अवधि के लिए स्थगित करने पर सहमत हूं. यह एक द्विपक्षीय सीजफायर होगा.’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत पर मैंने विनाशकारी सैन्य शक्ति रोक दी है. इसे होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने और सुरक्षित रखने की शर्त पर किया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘मैं ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है और हमें विश्वास है कि यह बातचीत के लिए एक व्यवहार्य आधार है. अतीत के लगभग सभी विवादित मुद्दों पर अमेरिका और ईरान के बीच सहमति बन चुकी है.’
ईरान ने रखी थीं ये 10 शर्तें
-आक्रामकता न करना
-होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण जारी रखना
-संवर्धन को स्वीकार करना
-सभी प्राथमिक प्रतिबंध हटाना
-सभी द्वितीयक प्रतिबंध हटाना
– संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को रद्द करना
-आईएईए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को रद्द करना
-ईरान को मुआवजा देना
-क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी
– लेबनान के वीर इस्लामी प्रतिरोध सहित सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति