Iran War: ईरान ने होर्मुज में रोका तेल टैंकर, इजरायल के सामने रखी बड़ी शर्त, सीजफायर तोड़ने की धमकी


US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच घोषित सीजफायर के बावजूद जमीनी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. बुधवार सुबह संघर्ष विराम की घोषणा के बाद भी हमलों की खबरें सामने आईं, जिससे शांति प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं. बुधवार की सुबह जहां ईरान के ऑयल रिफाइनरी पर हमला किया गया तो वहीं रात को ईरान के दक्षिण-पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में धमाकों की खबरों ने एक बार फिर हालात को तनावपूर्ण बना दिया है.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी शहर Andimeshk और उत्तरी शहर Babol में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि, इन धमाकों के पीछे की वजह को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इसे जारी संघर्ष से जोड़कर देखा जा रहा है.

इसी बीच इजरायल की तरफ से लेबनान पर लगातार हमले किए जा रहे हैं. इससे नाराज़ ईरान ने सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए रणनीतिक रूप से अहम Strait of Hormuz में एक तेल टैंकर को रोक दिया है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है.

ईरान की नई धमकी

Fars News Agency के मुताबिक यह कदम सीधे तौर पर जवाबी कार्रवाई के रूप में उठाया गया है. वहीं तसनीम न्यूज़ एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान पर हमले जारी रहे तो तेहरान सीजफायर तोड़ सकता है.

दूसरी ओर, शांति प्रक्रिया में भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गहरी चिंता जताई है. उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और दो सप्ताह के सीजफायर का सम्मान करने की अपील की, ताकि कूटनीति के जरिए समाधान का रास्ता निकाला जा सके.

चीन बोला- करते रहेंगे प्रयास

वहीं चीन भी सक्रिय कूटनीतिक भूमिका में नजर आ रहा है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Mao Ning ने कहा कि चीन संघर्ष-विराम को आगे बढ़ाने और मिडिल ईस्ट में स्थिरता बहाल करने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा. स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है. एक तरफ सीजफायर की घोषणा है, तो दूसरी तरफ जारी हमले और जवाबी कदम इस पूरे क्षेत्र को फिर से बड़े टकराव की ओर धकेल सकते हैं.

राष्ट्रपति ने ईरान युद्ध में दो हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद बड़ा दावा करते हुए कहा कि अब अमेरिका, ईरान के साथ बेहद करीब से मिलकर काम करेगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान एक “सफल सत्ता परिवर्तन” (Regime Change) के दौर से गुजर चुका है और अब वहां यूरेनियम संवर्धन नहीं किया जाएगा.

ट्रंप बोले- साथ करेंगे काम

ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका और ईरान मिलकर ज़मीन के भीतर गहराई में मौजूद परमाणु सामग्री को बाहर निकालेंगे, जिन पर पहले B-2 बॉम्बर्स के जरिए हमले किए गए थे. उन्होंने यह भी कहा कि इन सभी साइट्स पर अब भी कड़ी सैटेलाइट निगरानी रखी जा रही है और हमले के बाद से वहां किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है.

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए सीजफायर का ऐलान किया गया था, लेकिन इसके बावजूद हालात पूरी तरह शांत नहीं हो पाए. इस दौरान ईरान में एक रिफाइनरी पर हमला हुआ, जबकि दूसरी ओर कुवैत और बहरीन पर ईरान की तरफ से हमले किए जाने की खबरें सामने आईं. वहीं इजरायल ने सीजफायर के बाद ईरान पर हुए हमलों में अपनी किसी भी भूमिका से साफ इनकार किया है, जिससे क्षेत्र में भ्रम और तनाव और बढ़ गया है.  

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