होर्मुज, न्यूक्लियर और बैलिस्टिक मिसाइलें… ईरान युद्ध रोकने का अमेरिका पर दबाव, पाकिस्तान मीटिंग में नरमी बरतेंगे जेडी वेंस?


US Iran Peace Talks in Pakistan: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस थोड़ी ही देर में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचने वाले हैं, जहां वे पूरे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी प्रशासन पर ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने का भारी दबाव बना हुआ है. अमेरिकी जनता से लेकर खुद प्रशासन के भीतर इस युद्ध को लेकर गहरे मतभेद सामने आ चुके हैं. ऐसे में वेंस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस्लामाबाद में एक मजबूत और ठोस युद्धविराम समझौता कराना होगी, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं.

युद्ध के खिलाफ अमेरिकी जनता का आक्रोश

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न जनमत सर्वेक्षणों (Polls) के अनुसार, हर तीन में से दो अमेरिकी नागरिक चाहते हैं कि यह युद्ध अब खत्म होना चाहिए. लोगों का मानना है कि यह जंग अपनी हदें पार कर चुकी है. जनता में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि युद्ध के कारण ईंधन (Fuel) की कीमतें आसमान छू रही हैं और ऊर्जा लागत बढ़ने से रोजमर्रा के सामान महंगे हो गए हैं. अमेरिका में मुद्रास्फीति (Inflation) एक बार फिर ऊपर जा रही है, जिसने ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ी राजनीतिक मुश्किलें खड़ी कर दी हैं.

प्रशासन के भीतर भी एक राय नहीं
हैरानी की बात यह है कि खुद ट्रंप प्रशासन के भीतर इस युद्ध को शुरू करने को लेकर कभी भी आम सहमति नहीं थी. सरकार के अंदर कई लोग इस सैन्य कदम के खिलाफ थे. अब यही आंतरिक मतभेद सार्वजनिक तौर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं.

जेडी वेंस की सबसे बड़ी परीक्षा
यह गौर करने वाली बात है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शुरुआत से ही इस युद्ध को शुरू करने के सबसे मुखर विरोधी रहे थे. लेकिन अब किस्मत का मोड़ देखिए, उन्हें ही इस सप्ताहांत इस्लामाबाद में अमेरिकी दल की कमान सौंपी गई है.

ईरान की 10 बड़ी शर्तें, जिन पर टिका है युद्धविराम

ईरान ने युद्ध को समाप्त करने के लिए 10 प्रमुख शर्तें रखी हैं, जिनके पूरा होते ही सभी मोर्चों पर तत्काल युद्धविराम लागू किया जा सकता है.

  • इराक, लेबनान और यमन में चल रहे युद्ध का पूरी तरह अंत किया जाए.
  • ईरान के खिलाफ युद्ध को बिना किसी समय सीमा के स्थायी रूप से खत्म किया जाए.
  • पूरे क्षेत्र में चल रहे सभी संघर्षों को पूरी तरह समाप्त किया जाए.
  • होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जाए.
  • होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल बनाए जाएं.
  • युद्ध से हुए नुकसान के लिए ईरान को पुनर्निर्माण लागत का पूरा मुआवजा दिया जाए.
  • ईरान पर लगाए गए सभी प्रतिबंधों को हटाने की पूरी प्रतिबद्धता दी जाए.
  • अमेरिका में जमा ईरान की निधियों और फ्रीज की गई संपत्तियों को वापस किया जाए.
  • ईरान यह सुनिश्चित करे कि वह परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा.

अमेरिका की 15 शर्तें

अमेरिका ने ईरान के साथ समझौते के लिए 15 प्रमुख शर्तें रखी हैं, जिनके जरिए क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की कोशिश की जा रही है.

  • 30 दिनों के लिए तत्काल युद्धविराम लागू किया जाए.
  • नतान्ज, इस्फहान और फोर्डो स्थित ईरान की परमाणु सुविधाओं को नष्ट किया जाए.
  • ईरान भविष्य में कभी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा.
  • परमाणु हथियार न बनाने की स्थायी प्रतिबद्धता दी जाए.
  • संवर्धित यूरेनियम का पूरा भंडार अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपा जाए.
  • ईरान के परमाणु ढांचे की IAEA द्वारा पूरी निगरानी हो और देश के भीतर यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगे.
  • क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को ईरान का समर्थन खत्म किया जाए.
  • क्षेत्रीय ऊर्जा ढांचे पर ईरान के हमलों को रोका जाए.
  • होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जाए.
  • ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंध हटाए जाएं और संयुक्त राष्ट्र के ‘स्नैपबैक’ तंत्र को समाप्त किया जाए.
  • बुशेहर परमाणु संयंत्र में बिजली उत्पादन के लिए अमेरिका सहयोग देगा.
  • ईरान को घरेलू स्तर पर यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) रोकने के लिए कहा गया है.
  • ईरान की मिसाइलों की संख्या और उनकी मारक क्षमता (रेंज) सीमित करने की मांग की गई है.
  • बिजली उत्पादन के लिए सहयोग देने की पेशकश की गई है.
  • संयुक्त राष्ट्र के ‘स्नैपबैक मैकेनिज्म’ को खत्म करने का वादा भी किया गया है.



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