‘अगर चीन ने ईरान को दिए हथियार तो लगा देंगे 50% टैरिफ’, ट्रंप ने पहले दी बीजिंग को धमकी, फिर दिया ये ऑफर  


पाकिस्तान में ईरान के साथ बाचतीत फेल होने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को तेहरान के खिलाफ धमकी देना शुरू कर दिया है. इस बीच उन्होंने चीन पर निशाना साधा है.  ट्रंप उन खुफिया रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिनमें कहा गया था कि चीन ईरान को हथियार सप्लाई करने की तैयारी कर रहा है.

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा, ‘मुझे शक है कि वे ऐसा करेंगे, लेकिन अगर हम उन्हें ऐसा करते हुए पकड़ लेते हैं तो उन पर 50% टैरिफ लगेगा, जो कि बहुत बड़ी रकम है.’ बता दें कि चीन अगले महीने चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं. 

चीन पर भड़क गए ट्रंप

यूएस राष्ट्रपति ने इस तरह की धमकी सभी देशों को दी है, लेकिन विशेष रूप से चीन को. सीएनएन की रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल भी किया. उस रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन अगले कुछ दिनों में ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम मुहैया कराने की तैयारी कर रहा है. 

हालांकि ट्रंप ने चीन को इस दौरान एक ऑफर भी दिया, जिसमें उन्होंने चीन को कच्चे तेल की बिक्री की पेशकश की, जो कि घरेलू बाजार से और वेनेजुएला से की जा सकती है. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका ने  रातों-रात सेना भेजकर गिरफ्तार कर लिया गया था और अब उन पर न्यूयॉर्क में केस चल रहा है. 

ट्रंप ने दिया चीन को कच्चे तेल का ऑफर
 
ट्रंप ने कहा, ‘चीन अपने जहाज हमारे पास भेज सकता है. वेनेजुएला के पास… हमारे पास बहुत अधिक अतिरिक्त उत्पादन क्षमता है और हम शायद ईरान से भी कम कीमत पर तेल बेचेंगे.’ 

चीन पर फिलहाल कितना टैरिफ?

ट्रंप की ओर से भारत, ब्राजील और चीन से लेकर कनाडा जैसे सहयोगी देशों के खिलाफ लगाए गए अधिकांश टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कानून की दृष्टि से गलत करार देते हुए रद्द कर दिया है. चीन पर ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाकर 125 फीसदी कर दिया था. हालांकि बातचीत के बाद उसे 30 फीसदी कर दिया गया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टैरिफ 10 से 15 फीसदी कर दिया है. 

बीजिंग का दावा है कि उसने उस युद्धविराम समझौते में मध्यस्थता करने में मदद की, जिसके कारण इस सप्ताह की शुरुआत में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम हो गया. ट्रंप अगले महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत के लिए चीन की यात्रा करने वाले हैं.



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