मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई जंग! भारत के पास कितने दिन के कच्चे तेल का स्टॉक? हरदीप पुरी ने दिया जवाब


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  • पेट्रोलियम मंत्री ने 60 दिन के ऊर्जा स्टॉक की पुष्टि की।
  • पश्चिम एशिया तनाव में भी देश ऊर्जा आपूर्ति संभालेगा।
  • केंद्र ने उत्पाद शुल्क घटाकर ईंधन कीमत वृद्धि नियंत्रित की।

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगातार जारी युद्ध और तनाव की वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति पर संकट छाया हुआ है. वहीं, मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से जंग के शुरू होने के बाद भारत सरकार ने देश में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और लिक्वीफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडरों के दामों में भी ताजा बढ़ोत्तरी की है. इस बीच भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने बताया है कि इस गंभीर मुश्किल के समय देश के पास कितने दिन के कच्चे तेल का स्टॉक बना हुआ है.   

देश में कितने दिनों का ऊर्जा स्टॉक मौजूद?

इनसाइड आउड विथ मेघा प्रसाद में एक्सक्लूसिव इंटरव्यू देते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘इस वक्त देश में कच्चे तेल, नेचुरल गैस के साथ-साथ एलपीजी की कहीं कोई कमी नहीं है.’ वहीं, जब उनसे पूछा गया कि पिछले 48 घंटे में मिडिल ईस्ट में गंभीर होते हालात के बाद देश में कच्चे तेल और गैर रिजर्व की क्या स्थिति रहेगी, इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर ऐसी कोई स्थिति 30 से लेकर 60 दिन भी बनी रही, तो हम उसे मैनेज कर लेंगे.

उन्होंने कहा, ‘मैनेज करने का तरीका क्या होता है कि हम अपनी खपत में कमी कर लेंगे, लेकिन अभी हमारे स्थिति ऐसी नहीं है कि हमें किसी भी तरह के खपत में कोई कमी करनी पड़े और हमारे पास इस वक्त 60 दिन के कच्चे तेल का, 60 दिनों के नेचुरल गैस और 60 दिनों से ज्यादा का एलपीजी का पूरा स्टॉक रिजर्व है.’ 

पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के दामों पर बोले केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘भारत सरकार ने साल 2022 के फरवरी महीने में पिछली बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे. उसके बाद कई समस्याओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन फिर भी दाम नहीं बढ़े. इस दौरान फरवरी, 2022 से अभी 2026 तक दुनिया के बड़े युद्ध हो चुकी हैं, जिसमें 2022 से रूस-यूक्रेन युद्ध और इस साल 28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल और ईरान का युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी है.

उन्होंने कहा कि इस समय जापान के अलावा भारत इकलौता ऐसा देश है, जिसनें उपभोक्ताओं के लिए इतने कम पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के दाम बढ़ाए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा होने के पीछे वजह है कि पीएम मोदी ने तीन बार सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी कम की है, जो पहली बार नबंवर, 2021 में हुई, दूसरी मई, 2022 में और तीसरी बार अभी हाल ही में कुछ दिनों पहले हुई. 

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