अमेरिका के साथ प्रस्तावित शांति समझौते को लेकर ईरान में राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची के एक टीवी इंटरव्यू के बाद देश के कट्टरपंथी गुटों का विरोध खुलकर सामने आ गया है. उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने विदेश मंत्रालय के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए ‘अराघची इस्तीफा दो’ और ‘बेइज्जती करने वाले अराघची मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए. प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि प्रस्तावित समझौता ईरान के रणनीतिक हितों के खिलाफ है और सरकार ने अमेरिका के सामने जरूरत से ज्यादा रियायतें दे दी हैं.
मशहद में विदेश मंत्रालय कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन
फार्स न्यूज एजेंसी द्वारा साझा किए गए वीडियो में काले चादर पहने महिलाएं लाल और काले झंडे लहराते हुए विदेश मंत्रालय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करती दिखाई दीं. प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने विदेश मंत्री अब्बास अराघची के खिलाफ तीखे नारे लगाए और उन्हें पद छोड़ने की मांग की.
Hardline Iranians have been protesting throughout the day against Foreign Minister Abbas Araghchi and Parliament Speaker Ghalibaf over the emerging U.S.-Iran deal. Demonstrators chanted “Death to Araghchi, the dishonorable compromiser,” “Araghchi, have shame, stop giving in,” and… pic.twitter.com/PRQrYfTxno
— Open Source Intel (@Osint613) June 13, 2026
शांति समझौते का कट्टरपंथी गुट कर रहे विरोध
ईरान के कट्टरपंथी राजनीतिक गुटों का कहना है कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौते की मौजूदा शर्तें तेहरान के रणनीतिक हितों को कमजोर करती हैं. उनका आरोप है कि इस समझौते से ईरान की होर्मुज स्ट्रेट पर प्रभावी पकड़ कमजोर हो सकती है, जो उसकी सबसे बड़ी सामरिक ताकतों में से एक मानी जाती है.
टीवी इंटरव्यू के बाद बढ़ा विवाद
विवाद उस समय और बढ़ गया जब राज्य टीवी पर प्रसारित इंटरव्यू में विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने का प्रावधान शामिल है. यह नाकेबंदी अमेरिका ने ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में की गई कार्रवाई के बाद लागू की थी. अराघची ने कहा कि ‘होर्मुज स्ट्रेट का प्रशासन पहले जैसा नहीं रहेगा’, हालांकि उन्होंने इसे ईरान की प्रमुख प्रतिरोधक रणनीति का हिस्सा भी बताया.
तेहरान में भी विरोध प्रदर्शन की खबरें
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपुष्ट वीडियो में राजधानी तेहरान स्थित विदेश मंत्रालय मुख्यालय के बाहर भी लोगों के जुटने का दावा किया गया है. प्रदर्शनकारी वहां ‘अराघची इस्तीफा दो’ और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ के खिलाफ भी इस्तीफे की मांग करते नजर आए. गालिबाफ इस वार्ता प्रक्रिया में मुख्य वार्ताकार की भूमिका भी निभा रहे हैं.
समझौते की टाइमलाइन पर संशय बरकरार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के अधिकारियों ने दावा किया है कि यह शांति समझौता रविवार तक अंतिम रूप ले सकता है और इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर समारोह की तैयारी चल रही है. हालांकि ईरान सरकार इस समयसीमा को लेकर सतर्क नजर आ रही है.
ईरानी विदेश मंत्रालय ने जल्द समझौते से किया इनकार
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने तत्काल समझौते की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि ‘यह कल नहीं होगा.’ हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले कुछ दिनों में समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है.