16 करोड़ के कोयला घोटाले में केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने लिखा पत्र, CM रेवंत रेड्डी से कर डाली ये मांग


सिंगरेनी कोलरीज कंपनी लिमिटेड में कोयले के स्टॉ घोटाले के आरोप में तेलंगाना में राजनीतिक बखेड़ा खड़ा हो गया है. इस मामले में केंद्रीय कोयला मंत्री और सिकंदराबाद से बीजेपी सांसद किशन रेड्डी ने सीएम रेवंत रेड्डी से लेटर लिककर मामले की जांच की मांग की है.

मुख्यमंत्री  को पत्र में क्या लिखा है? 

10 जून को लिखे पत्र में किशन रेड्डी ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि एससीसीएल के स्टॉक से लगभग 1600 करोड़ के 40 लाख टन कोयला गायब होने की बात सामने आई है. कोयला गायब होना और अन्य संबंधित खबरें बेहद ही गंभीर है. इनकी तुरंत जांच होना चाहिए. 

उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि आपका ध्यान 1600 करोड़ रुपये के मूल्य की 40 लाख टन कोयला गायब होने की खबरों की ओर दिलाना चाहता हूं. इससे कंपनी को भारी नुकसान पहुंचा है. केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा है कि अगर यह आरोप सही होते हैं, तो कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य पर असर पड़ेगा. केंद्रीय मंत्री ने SCCL की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि तेलंगाना सरकार बकाया राशि का भुगतान न होने पर कंपनी कमजोर हो सकती है. 

ये भी पढ़ें: Jaipur News: ‘पड़ोसन को तड़पते देखना चाहती थी…’, नफरत की आग में 5 साल की मासूम की हत्या

दरअसल, सिंगरेनी कोलरीज कंपनी लिमिटेड में तेलंगाना सरकार और केंद्र की ज्वाइंट पार्टनरशिप है. इसका इक्विटी रेशो 51:49 है. केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा है कि इस मामले में जांच तुरंत की जानी चाहिए. इससे गड़बड़ियों का पता लगाया जा सके. 

ट्रेड यूनियन संगठनों ने केंद्रीय मंत्री से की मामले में दखल देने की मांग

ANI को दिए इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अपने पत्र में तेलंगाना के मुख्यमंत्री से इस मामले में स्पष्टता और जवाबदेही की मांग की गई है. साथ ही कहा कि मामले में राजनीतिक दलों, ट्रेड यूनियनों और कर्मचारियों ने मामले को उठाया है. इस वजह से राज्य सरकार से जवाब मांगना पड़ा. इस मामले में लगातार मीडिया में कई खबरें सामने आई हैं.  राजनीतिक पार्टियों, ट्रेड यूनियन ऑर्गेनाइजेशन और कर्मचारियों ने पत्र लिखकर स्पष्टता की मांग की है. इसके कामकाज की देखरेख को लेकर केंद्र की भूमिका शून्य ही रही है. 

झारखंड राज्यसभा चुनाव: NDA के विधायक करेंगे ‘अंतरात्मा’ की आवाज पर मतदान, INDIA गठबंधन की बैठक



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *