देश की माली हालत पर संसद में क्या बोले गए ख्वाजा आसिफ, दुनियाभर में शर्मसार हुआ पाकिस्तान


पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में अपने सरकार की ओर से पेश किए गए बजट और ईरान-यूएस डील को लेकर जानकारी दी. ख्वाजा आसिफ ने माना कि बीते कुछ दिनों से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था ICU में थी, जो अब धीरे-धीरे वापस पटरी पर लौटने लगी है. पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 18.77 लाख करोड़ (18.77 ट्रिलियन) पाकिस्तानी रुपये का बजट पेश किया, जिसका सबसे बड़ा हिस्सा पुराने कर्जों और उनके ब्याज चुकाने में खर्च होगा.

हम दिवालिया हो चुके थे: ख्वाजा आसिफ
 
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक ख्वाजा आसिफ ने मंगलवार (16 जून 2026) को कहा, ‘हमारी इकोनॉमी में अब जान आ गई है. यह आईसीयू से बाहर आ गई है. जब हमने पहला बजट पेश किया था, तब हम दिवालिया हो चुके थे. हमेशा यह खतरा बना रहता था कि हम आज या कल दिवालिया हो जाएंगे. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने कड़ी शर्तों के साथ हमें आर्थिक संकट से उबारा, जिनका हम अब पालन कर रहे हैं, लेकिन अब हम आर्थिक रूप से सक्षम हो गए हैं.’

टैक्स को लेकर अपनी ही सरकार को दे दी नसीहत

उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं कहूंगा कि हम आसमान की ऊंचाइयों को छू रहे हैं, लेकिन हमारी तरक्की इस बात की गवाह है कि एक या दो साल में हम उस मुकाम पर पहुंच जाएंगे जहां पाकिस्तान 6-7 प्रतिशत की विकास दर हासिल कर लेगा.’ उन्होंने कहा कि देश में कई अंडरलाइंग टैक्स मौजूद हैं और हमें आर्थिक रूप से सक्षम होने के लिए इन सभी चीजों से छुटकारा पाना होगा. उन्होंने कहा कि टैक्स रेट को उस स्तर पर लाया जाना चाहिए जहां पूरा देश इसे चुकाने के लिए तैयार हो, न कि यह इतनी अधिक हो जाए कि कोई इसे चुका न सके.

बलूचिस्तान के मुद्दे पर ख्वाजा आसिफ का बयान

ख्वाजा आसिफ ने कहा, ‘हमें लोगों को टैक्स चोरी के तरीके खोजने के लिए मजबूर क्यों करना चाहिए? हमें टैक्स को ऐसे स्तर पर लाना चाहिए जहां एक अनुकूल वातावरण बने, जहां लोग गर्व के साथ टैक्स चुकाएं.’ बलूचिस्तान को लेकर उन्होंने कहा कि यह स्थिति कल या परसों नहीं बनी है, बल्कि इसमें कई लोगों का योगदान रहा है. उन्होंने कहा, ‘यह समस्या किसी एक पार्टी या किसी एक प्रांत की नहीं है. अगर बलूचिस्तान में समस्याएं हैं, तो मुझे लगता है कि यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. इसका समाधान ऐसा होना चाहिए जो बलूचिस्तान की जनता को स्वीकार्य हो, चाहे वे बलूच हों या पश्तून.’

ख्वाजा आसिफ ने एक बार कहा कि पाकिस्तान में बड़े निर्णय लेने का अधिकार आर्मी चीफ आसिम मुनीर के पास ही है. उन्होंने संसद में कहा, ‘अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को इस्लामाबाद ने सुगम बनाया. इसका श्रेय सैन्य नेतृत्व और पीएम शहबाज शरीफ को जाता है. पूरे पाकिस्तान को उनका आभारी होना चाहिए.’



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