PoK Protest: पाकिस्तानी सेना नीचता पर उतरी, गुस्से में आई PoK इन्फ्लुएंसर रनिमा शाजमा, बोली- ‘हिंदुस्तान से हाथ मिला लो…’


पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में गुरुवार (25 जून 2026) को 16वें दिन पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के अपनी मांगों को लेकर जनता का विद्रोह जारी है. जहां एक तरफ रावलकोट में ईदगाह ग्राउंड पर बैठे 50 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की आजादी की मांग बुलंद कर रहे हैं तो PoK की महिलाएं कश्मीर को लुटेरे पाकिस्तान से अलग करके हिंदुस्तान से हाथ मिलाने की अपील कर रही हैं.

PoK की मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रनिमा शाजमा ने वीडियो पोस्ट करके कहा कि जिस तरह से पाकिस्तानी सेना लोगों के घर लूट रही है, लोगों को निशाना बना रही है, ऐसे में बेहतर है कि PoK के लोग हिंदुस्तान से हाथ मिला लें. रनिमा शाजमा ने ये भी साफ किया की पाकिस्तान कभी भी PoK के साथ नहीं था और ना ही कभी रहेगा

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PoK में प्रदर्शनकारी भी आवाज उठा रहे

पाकिस्तानी कब्जे के खिलाफ PoK में प्रदर्शनकारी भी आवाज उठा रहे हैं. अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य सरदार अमान खान ने 50 हज़ार प्रदर्शनकारियों के सामने कहा की पाकिस्तानी सेना कश्मीर छोड़ दे और वो कश्मीर के लिए कुछ नहीं कर सकते है. कश्मीर कश्मीरियों को दे दें फिर कश्मीरी जाने और हिंदुस्तान जाने. साथ ही अमान खान ने ये भी चेतावनी दी की PoK की जनता को ना ही वो 12 विधायक चाहिए, जिन्हें पाकिस्तानी हुकूमत और ISI शरणार्थी सीटों के नाम बैठाती है और ना ही बचे 41 विधायक चाहिए, जिन्हें धांधली करके चुनवाया जाता है.

पाकिस्तानी हुकूमत और सेना को घिनौना काम

PoK में पाकिस्तानी हुकूमत और सेना प्रदर्शन खत्म करने के लिए PoK में खाने की किल्लत लाने की भरपूर कोशिश कर रही है, पाकिस्तान-PoK बॉर्डर पर 10 दिन से खड़े ट्रकों की तस्वीर एबीपी न्यूज के हाथ लगी है, जिनमे खाने का सामान है, जिसे पाकिस्तानी सेना PoK में नहीं घुसने दे रही है. ऐसे में लोग पाकिस्तान के कश्मीर को शह-रग कहने के झूठे दावों की पोल खोल रहे है साथ ही पाकिस्तानी सेना को लताड़ रहे हैं.

PoK 16 दिन से बंद पूरी तरह बंद

पिछले 16 दिन पूरा PoK बंद है और घरों से निकल कर लोग रावलकोट में धरने पर बैठे हैं. पाकिस्तान की सरकार विद्रोह की आग को कुचलने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है.  इसी कड़ी में विद्रोह में भाग लेने के आरोप में एक साथ 128 सरकारी कर्मचारियों को PoK की कठपुतली सरकार ने आज नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. फैजल मुमताज राठौड़ वाली PoK की कठपुतली सरकार के आदेशों से एक्सक्लूसिव कॉपी एबीपी न्यूज़ के पास मौजूद है, जिसमे रिटायर्ड सैनिकों को भी धमकी दी है कि अगर वो धरने में दिखे तो उन्हें मिलने वाली पेंशन खत्म कर दी जाएगी.

58 लोगों को मौत के घाट उतार चुकी पाकिस्तानी सेना

पाकिस्तानी सेना पिछले 16 दिनों में 58 लोगों को मौत के घाट उतार चुकी है. प्रदर्शन के आयोजकों और संगठन को आतंकी घोषित कर चुकी है. प्रदर्शन में शामिल और मदद करने वाले 150 लोगो को आतंकी करार दे चुकी है, उसके बाद भी PoK में विद्रोह रुकने का नाम नहीं ले रहा है. इसके  बाद पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ ने बयान दिया कि वो रावलकोट के लोगो को कश्मीरी नहीं मानते और कश्मीर में पैदा होने कश्मीरी होने का सबूत नहीं है. साथ ही ख़्वाजा आसिफ ने कहा कि ये लोग कश्मीरी बोलते भी नहीं हैं. पाकिस्तानी संसद में बुधवार (24 जून 2026) को रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ ने बौखलाहट में बयान देते हुए कहा की PoK के लिए 5 जंग हमने लड़ी हैं, उसके बाद भी सिला क्या मिलता है की पाकिस्तान को वहां गालियां दी जाती हैं, धरने दिए जाते हैं ये कतई मुझे बर्दाश्त नहीं है.

जम्मू कश्मीर के हिस्सों पर  पाकिस्तान का अवैध कब्जा

जम्मू कश्मीर के हिस्सों पर साल 1948 में अवैध कब्जा करने के बाद पाकिस्तान ने मीरपुर, रावलकोट, मुजफ्फराबाद जैसे इलाकों में पंजाबी और उर्दू ज़ुबान वाले लोगों को बसाया था ताकि पीओके में उसकी सत्ता कयाम रहे, लेकिन 9 जून से शुरू हुए विद्रोह के बाद पाकिस्तानी रक्षा मंत्री प्रदर्शन को खारिज करने के लिए ही सही अपने देश के हुक्मरानों के किए गए पापों को दुनिया के सामने लाने का काम रहे हैं. ऐसे में देखना होगा कि 9 जून से शुरू हुआ विद्रोह क्या एक बार फिर से 1971 की तरह पाकिस्तान के कब्जे से किसी इलाके को मुक्त करता है या फिर गोली के दम पर हर बार की तरह इस बार भी पाकिस्तानी सेना पीओके के लोगों की आवाज़ दबा देती है.

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