क्या ट्रंप के करीबियों की बीच बढ़ रही दूरियां? इजरायल को लेकर जेडी वेंस और रुबियो के बयान में दिख रहा अंतर


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • विदेश मंत्री रुबियो ने इजरायल का बचाव किया, ईरान फंड से इनकार।

ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी दुनिया में अपने मजबूत प्रशासन का ढोल पीट रहे हैं. वह लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि ईरान के साथ समझौते को लेकर उनकी पूरी प्रशासनिक टीम एकजुटता के साथ और मजबूती से काम में लगी हुई है, लेकिन पिछले एक हफ्ते के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो सबसे करीबी नेताओं के बीच अंतर देखने को मिला है.

दरअसल, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हालिया बयानों को देखकर ऐसा लग रहा है कि ट्रंप के दोनों करीबी नेताओं के विचारों में, खासकर इजरायल और लेबनान के बीच जारी मतभेदों और सैन्य अभियानों को लेकर, काफी भिन्नता है. ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या सच में दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति की टीम पूरी तरह से एकजुट है?

इजरायली सैन्य कार्रवाइयों में दोनों की राय अलग

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति भवन यानी व्हाइट हाउस में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिका-ईरान के शुरुआती समझौते पर उठ रहे सवालों के बीच इजरायल के आलोचकों को भी जवाब दिया. वेंस ने कहा कि लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली सैन्य हमले अमेरिका के शांति को कोशिश को कहीं न कहीं कमजोर कर सकते हैं और ऐसे हमलों में इलाके में तनाव बढ़ भी सकता है.

जबकि दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट तौर पर इजरायल की तरफ से लेबनान में किए जा रहे सैन्य हमलों का बचाव किया है. गल्फ देशों की यात्रा के दौरान रुबियो ने कहा कि इजरायल हिजबुल्लाह की तरफ से किए गए हमलों का सिर्फ जवाब दे रहा है, जो कि उसकी अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी है. इस दौरान उन्होंने इजरायली चौकी पर हिजबुल्लाह की तरफ से किए गए हमलों का जिक्र भी किया.

ईरान को लेकर क्या है वेंस-रुबियो के विचार?

वहीं, ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर भी जेडी वेंस और मार्को रुबियो के विचारों में काफी अंतर देखा गया है. स्विट्जरलैंड में ईरान के अधिकारियों के साथ समझौते पर आगे की बातचीत पर चर्चा के लिए पहुंचे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वार्ता को लेकर सकारात्मक विचार जाहिर किए. उन्होंने कहा कि इस समझौते के बाद ईरान के पुनर्निर्माण में आने वाले दिनों में खाड़ी देश में सहयोग कर सकते हैं.

दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने UAE, कुवैत और बहरीन के दौरे के दौरान यह स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी समझौते के लिए अपने और अपने सहयोगी देशों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा. उन्होंने यहां तक कहा दिया कि ईरान के पुनर्निर्माण के लिए अमेरिकी फंडिंग अभी बहुत दूर की बात है. 

यह भी पढ़ेंः होर्मुज से गुजर रहे जहाज पर ईरान ने किए 4 ड्रोन हमले, भड़के राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर दी कड़ी नसीहत





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *