प्रदर्शनकारियों की आड़ में पाकिस्तानी रेंजर्स ने PoJK के रावलाकोट के पंट्रोल पंप पर लोगों को पीटा, फिर 3 लाख कैश लूटकर भागे


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  • आवामी कमेटी ने मुजफ्फराबाद मार्च की चेतावनी दी, भोजन रुका।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलाकोट में जहां बीते 20 दिनों से लगातार पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर विद्रोह चल रहा है, तो दूसरी तरफ अब पाकिस्तानी फोज ने रावलाकोट में लूटमार भी शुरू कर दी है. रावलाकोट के एक पेट्रोल पंप की सीसीटीवी फुटेज एबीपी न्यूज के हाथ लगी है, जहां पर स्थानीय लोगों का आरोप है की पेट्रोल पंप में घुसकर पहले रावलाकोट में तैनात पाकिस्तानी रेंजर्स ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की और फिर 3 लाख नकद पाकिस्तानी रुपये लूटकर चले गए.

प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले अमान खान ने लगाए आरोप

पीओके में 9 जून से शुरू हुआ विद्रोह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है और 5 जून से इंटरनेट ब्लॉक हुआ पड़ा है. खाने की किल्लत पैदा करके प्रदर्शन को कुचलने की साजिश 13 जून से लगतार चल रही है, लेकिन 70 हजार से ज्यादा लोग रावलाकोट के ईदगाह मैदान पर डटे हुए हैं. प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे सरदार अमान खान ने रविवार (28 जून, 2026) को आरोप लगाया कि पीओके के नाम पर जो हजारों करोड़ का बजट पाकिस्तानी हुकूमत भेजने का दावा करती है, उससे पीओके के विधायकों और उनके बच्चो का पेट पलता है.

उन्होंने पीओके की स्थिति बताते हुए कहा कि ना ही पीओके में सड़क है, ना ही स्कूल है और ना ही अस्पताल है, बस लूटमार चल रही है. ऐसे में पीओके की कमान पीओके के लोगों को दी जाए. अवामी एक्शन कमेटी ने मांगे पूरी ना होने पर मुजफ्फराबाद तक मार्च निकालने का ऐलान किया था और 23 जून की डेडलाइन दी थी, लेकिन फिलहाल कुछ हफ्ते के लिए डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया गया है. 

पाकिस्तानी सेना का इतिहास है-PoK के लोगों को मारना- इम्तियाज 

प्रदर्शनकारियों की आड़ में पाकिस्तानी रेंजर्स ने PoJK के रावलाकोट के पंट्रोल पंप पर लोगों को पीटा, फिर 3 लाख कैश लूटकर भागे

हालांकि, मुजफ्फराबाद तक मार्च से पहले रविवार (28 जून) को अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य इम्तियाज आलम ने कहा कि पीओके की जनता का सामना कातिलों से पड़ा है और पाकिस्तानी सेना का इतिहास है- पीओके के लोगों की जान लेना. इम्तियाज आलम ने पिछले साल हुए नरसंहार का भी जिक्र किया, जब 31 लोगों को एक ही दिन में पाकिस्तानी सेना, इस्लामाबाद पुलिस और मुस्लिम कॉन्फ्रेंस ने मार दिया था. ऐसे में इम्तियाज आलम ने कहा कि इस बार हम तैयार हैं और मुजफ्फराबाद में विधानसभा के बाहर बैठकर बात तब तक नहीं करेंगे, जब तक 12 शरणार्थी सीटें खत्म नहीं हो जाती है.

बच्चों और महिलाओं ने खोली क्रूर पाकिस्तानी हुकूमत की पोल

पीओके में फिलहाल पाकिस्तानी हुकूमत और प्रदर्शनकारियों के बीच कोई बातचीत नहीं शुरू हुई है और खाने की सप्लाई बंद होने की वजह से पीओके की कठपुतली सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी अनवर उल हक ने पाकिस्तानी हुकूमत को घेरते हुए खाने की सप्लाई को रोकने की निंदा की है. रविवार (28 जून) को भी प्रदर्शन में करीब 6-7 हजार महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने पाकिस्तानी हुकूमत को चेतावनी दी की पीओके पाकिस्तान नहीं है, जहां पर कत्लेआम मचाने पर जानता चुप हो जाती है, पीओके की जानता मरते दम तक लड़ेगी.

साथ ही जिस तरह से प्रदर्शन में शामिल लोगों को पाकिस्तानी हुकूमत आतंकी बता रही है और अवामी एक्शन कमेटी को आतंकी घोषित किया है कि ऐसे प्रदर्शनस्थल पर पहुंचकर पाकिस्तानी हुकूमत से सवाल पूछा कि अगर प्रदर्शनकारी आतंकी होते तो क्या महिलाएं अपनी छोटी-छोटी बच्चियों को लेकर क्यों आती, साथ ही अगर प्रदर्शनकारी आतंकी होते तो आज पाकिस्तानी रेंजर्स पीओके में खड़े नहीं हो पाते.

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