बीती रात अफगानिस्तान में पाकिस्तानी वायुसेना के तीन प्रांतों में हमले में मरने वालों की संख्या 36 हो गई है. इसमें छोटे छोटे मासूम बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं. अफगान सरकार के मुताबिक पाकिस्तान वायुसेना की अफगानिस्तान के नागरिक ठिकानों पर कायराना हमले में 163 लोग घायल हैं.
भारतीय समयानुसार रात साढ़े 12 बजे अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के गियान इलाके, पक्तिया प्रांत के चमकानी और कुनार प्रांत के मरवारा इलाके में रिहायशी घरों और मस्जिद को पाकिस्तानी वायुसेना ने निशाना बनाया था. इस समय लोग अपने अपने घरों में सो रहे थे.
प्रत्यक्षदर्शियों ने हमले को लेकर क्या बताया?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमले के बाद जब लोग पीड़ितों की मदद करने पहुचें तो 12 बज कर 55 मिनट पर एक बार फिर पाकिस्तानी वायुसेना ने बचाव के काम में जुटे निहत्थे मासूम लोगों पर स्ट्राइक कर दी. इसकी वजह से मृतकों और घायलों की इतनी बड़ी संख्या सामने आई है. अफगानिस्तान के नागरिकों के मकानों पर हमले को पाकिस्तान आतंकवाद विरोधी कार्रवाई बता रहा है. दावा कर रहा है कि ये स्ट्राइक आतंकी संगठन जमात उल अहरार के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए की गई थी. पाकिस्तान का दावा है कि उसकी हमले में 25 आतंकी मारे गए हैं.
अफगानिस्तान से आई तस्वीरें पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश कर रही हैं. जहां मृतकों और घायलों में बड़ी संख्या में नन्हें नन्हें बच्चे शामिल हैं. इसी तरह आतंकी संगठन जमात उल अहरार ने बयान जारी करके दावा किया कि अफगानिस्तान में उसका कोई बेस नहीं है. उसके सभी आतंकी खैबरपख्तुबख्वाह प्रांत की वादियों में रहते हैं.
जानें आतंकी संगठन जमात उल अहरार असल के बारे में?
आतंकी संगठन जमात उल अहरार असल में आतंकी संगठन तहरीक ए तालिबान का ही एक साझेदार आतंकी गुट है. इसकी जिम्मेदारी ज़ुबैर सफी संभाल रहा है, जो जमात उल अहरार के संस्थापक उमर खालिद खोरासानी का बेटा है.
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जमात उल अहरार का हेडक्वार्टर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत की मोहम्मंद एजेंसी में स्थित है. पिछले 2 सालों में जमात उल अहरार ने जिन आतंकियों की भर्ती की है. उसमें से 87 प्रतिशत से ज्यादा आतंकियों को पाकिस्तान की सेना और ISI की तरफ से प्रायोजित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और अल बद्र ने ट्रेन किया था.
पाकिस्तान दूतावास के कार्यवाहक राजदूत को किया तलब
मासूम अफगान नागरिकों पर पाकिस्तानी वायुसेना के हवाई हमले के जवाब में अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कड़ा विरोध जताते हुए काबुल स्थित पाकिस्तान दूतावास के कार्यवाहक राजदूत (चार्ज द’अफ़ेयर्स) को तलब किया है. मंत्रालय के मुताबिक अफगानिस्तान ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवीय सिद्धांतों और राष्ट्रीय संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है.
अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान बिना किसी विश्वसनीय सबूत के अपने शहरों में होने वाले आतंकी हमलों और सुरक्षा घटनाओं का आरोप सालों से अफगानिस्तान पर लगाता रहा है. अपनी सुरक्षा और राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए निराधार आरोपों तथा सैन्य आक्रामकता का सहारा लेता आया है. अफगानिस्तान के विदेश मंत्रलय मंत्रालय ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई न केवल मौजूदा समस्याओं का समाधान नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास, पड़ोसी संबंधों और पूरे क्षेत्र की शांति एवं स्थिरता को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती है.
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