China Reaction on pl 15 missile says export equipment India intercepted during operation sindoor launched from pakistan | पाकिस्तान ने किया था PL-15 मिसाइल का इस्तेमाल? सवाल पर चीन का रक्षा मंत्रालय बोला


China On PL-15 Missile: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मेड इन इंडिया हथियारों ने दुनियाभर में चीन और तुर्किए के ड्रोन और मिसाइल की पोल खोल दी. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ इस ऑपरेशन दौरान चीनी PL-15 एयर टू एयर मिसाइल को इंटरसेप्ट कर लिया था. जब गुरुवार (29 मई 2024) को चीनी रक्षा मंत्रालय से सवाल किया गया कि क्या पाकिस्तान ने PL-15 मिसाइल का इस्तेमाल किया था तो उन्होंने इस मामले पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

PL-15 मिसाइल को लेकर क्या बोला चीनी रक्षा मंत्रालय?

पाकिस्तान के कारण चीन की स्थिति आगे कुआं और पीछे खाई वाली बनी हुई है. PL-15 मिसाइल को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल झांग शियाओगांग ने कहा, “आप जिस मिसाइल की बात कर रहे हैं वो एक्सपोर्ट उपकरण (Export Equipment) है, जिसे देश विदेश में डिफेंस एग्जीबिशन में दिखाया जा चुका है.”

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा, “भारत और पाकिस्तान ऐसे पड़ोसी हैं जिन्हें अलग नहीं किया जा सकता. हम उम्मीद करते हैं कि दोनों देश शांत और संयमित रहेंगे और ऐसी कार्रवाइयों से बचेंगे जो तनाव बढ़ा सकती है.”

चीनी हथियारों की दुनियाभर में खुल गई पोल

पहलगाम आतंकी हमले को बदला लेते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर 9 आतंकी कैंप को तबाह किया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादियों की मौत हुई. इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने भारत के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमले की नाकाम कोशिश की. पाकिस्तानी आर्मी ने चीन और तुर्किए के ड्रोन्स और मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जिसे इंडियन एयर डिफेंस सिस्टम ने आसमान में ही ध्वस्त कर दिया.

पाकिस्तान की ओर से 8, 9 और 10 मई की रात को किए गए हमलों के दौरान भारत ने जिन मिसाइलों को आसमान में तबाह किया, वे मेड इन चाइना हथियार निकले. इसके बाद चीन के मिसाइल समेत दूसरे हथियारों पर भी सवाल खड़े होने लगे. हालांकि चीनी सरकार ने इन रिपोर्टों पर सीधे तौर पर टिप्पणी करने से परहेज किया है.

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के अनुसार चीन ने 2020 से 2024 के बीच पाकिस्तान के कुल हथियार आयात का 81 प्रतिशत हिस्सा आपूर्ति किया, जिसमें लड़ाकू विमान, नेवी जहाज, सबमरीन और मिसाइल सिस्टम शामिल हैं.



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