Pakistan News: पाकिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद को पालने के लिए करता है इस बात का सबूत खुद वहां के एक बड़े नेता ने दिया है. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के विधानसभा अध्यक्ष मलिक मुहम्मद अहमद खान ने संयुक्त राष्ट्र से प्रतिबंधित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष नेतृत्व के साथ मंच साझा किया. इतना ही नहीं पाकिस्तानी नेता ने इस मंच से 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की तारीफ भी की.
हाफिज सईद को परिवार का सदस्य बताया
पाकिस्तानी नेता अहमद खान के साथ मंच पर लश्कर-ए-तैयबा का उप प्रमुख सैफुल्ला अहमद और हाफिज सईद को बेटा तलहा सईद भी मौजूद था. सैफुल्लाह खालिद को कसूरी के नाम से भी जाना जाता है और वह 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड में से एक है. उसे अमेरिका ने भी आतंकवादी घोषित किया हुआ है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने हाफिज सईद को अपना परिवार का सदस्य बताया है.
पाकिस्तान की सेवा कर रहे हाफिज सईद
उन्होंने कहा, “सैफुल्ला कसूरी और तलहा सईद के साथ मेरे संबंध किसी औपचारिक गठबंधन पर आधारित नहीं हैं. हाफिज सईद के साथ मेरे संबंध हैं. मेरे दिवंगत पिता के साथ उनका बहुत करीबी रिश्ता था. हम मरकज़ी मुस्लिम लीग को अपनी दूसरी पार्टी मानते हैं. हमारा मानना है कि ये लोग पाकिस्तान की सेवा कर रहे हैं.”
अफगानिस्तान की निर्वासित सांसद मरियम सोलेमंखिल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के साथ मंच पर हैं. यहां हाफिज सईद के बेटे को माइक मिलता है और शांतिपूर्ण आवाजों को जेल मिलती है. संयुक्त राष्ट्र हमेशा की तरह शांत रहकर दूरबीन से नरसंहार देख रहा है.”
कई बार आतंकी के साथ दिख चुके पाक अधिकारी
हाफिज सईद पर 2008 से ही संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लगे हुए हैं और अमेरिका ने उस पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा हुआ है. हालांकि पाकिस्तान का दावा है कि वह आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए 78 साल की सजा काट रहा है.
ऐसा पहली बार नहीं है जब आतंकवाद को संपोर्ट करने को लेकर पाकिस्तान की पोल खुली हो. पिछले महीने भारत ने पाकिस्तान में घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया था. इस एयरस्ट्राइक में मारे गए लश्कर कमांडर अब्दुल रऊफ सहित अन्य आतंकवादियों के जनाजे में पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों को शामिल होते देखा गया.