ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की बड़ी चाल, इन दो आतंकी संगठनों को एक छत के नीचे लाएगा ISI


ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद को एक छत के नीचे लाने की चली चाल. अब लश्कर का हेडक्वार्टर मुरीदके से शिफ्ट कर जैश के हेडक्वार्टर बहावलपुर ले जाया जाएगा. भारत की खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक आईएसआई ने लश्कर कमांडर सैफुल्लाह सैफ को ये आदेश दिया है.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने मुरीदके पर मिसाइल स्ट्राइक की थी. मुरीदके में जबरदस्त नुकसान हुआ था और आईएसआई के फील्ड ऑफिस का भी खुलासा हुआ था.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद जिस तरह से भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया उससे आतंकवादियों के साथ-साथ आईएसआई भी घबराई हुई है. ISI और पाकिस्तानी सेना चाहती है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश ए मोहम्मद का मुख्यालय एक ही जगह बहावलपुर में होगा तो दोनों संगठनों को आसानी से संभाला जा सकता है.

आईएसआई यह सब कुछ ऐसे समय में कर रहा है जब अमेरिका ने पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित किया है. टीआरएफ ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी ली थी.

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि टीआरएफ के खिलाफ यह कार्रवाई हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा, आतंकवाद का मुकाबला करने और पहलगाम हमले में न्याय के राष्ट्रपति ट्रंप के रुख पर काम करने की प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. उन्होंने कहा, ‘‘पहलगाम आतंकी हमला साल 2008 में हुए लश्कर-ए-तैयबा की ओर से किए गए मुंबई हमलों के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे घातक हमला था.

लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद को अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र की ओर से आतंकवादी घोषित किया जा चुका है और उस पर एक करोड़ डॉलर का इनाम भी है. जैश-ए-मोहम्मद का चीफ मसूद अजहर पुलवामा और उरी आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड है. संयुक्त राष्ट्र ने उसे साल 2019 में ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था.



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