टैरिफ पर अमेरिकी कोर्ट के फैसले से पहले घबराए ट्रंप, वॉर्निंग देते हुए बोले- ‘अगर ये फैसला हुआ तो…’


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिकी अदालतों को चेतावनी देते हुए कहा कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमी पावर एक्ट (IEEPA) को कमजोर न करें. IEEPA का उपयोग अक्सर अमेरिकी प्रतिबंध नीति में किया जाता है. यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को आर्थिक लेनदेन का अतिरिक्त शक्ति प्रदान करता है. इसी का इस्तेमाल कर ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है.

अमेरिका को काफी आर्थिक लाभ हो रहा- ट्रंप

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर दावा किया कि टैरिफ से अमेरिका को काफी आर्थिक लाभ हो रहा है. उन्होंने लिखा, “टैरिफ का शेयर बाजार पर बहुत बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है. लगभग हर दिन नए रिकॉर्ड बन रहे हैं. इसके अलावा हमारे देश के खजाने में सैकड़ों अरब डॉलर आ रहे हैं.”

ट्रंप ने यूएस कोर्ट को दी चेतावनी

ट्रंप ने कोर्ट को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर IEEPA के इस्तेमाल को लेकर कोई फैसला दिया गया तो अमेरिका की अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी. उन्होंने कहा, “अगर ऐसा हुआ तो 1929 जैसा महामंदी होगा. फिर अमेरिका इस तरह की न्यायिक त्रासदी से उबर नहीं पाएगा. हालांकि मुझे अमेरिकी न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा है. ये निर्णय बहुत पहले लिया जाना चाहिए था, ताकि देश की आर्थिक गति और बेहतर होती.” 

क्यों डर रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप?

ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए व्यापार प्रतिबंधों को लागू करने के लिए बार-बार IEEPA का सहारा लिया है. उनकी यह टिप्पणी IEEPA के तहत राष्ट्रपति की शक्तियों की सीमा पर बढ़ती कानूनी जांच के बीच आई है. कई कानूनी विशेषज्ञों का तर्क है कि व्यापार नीति में इस कानून का इस्तेमाल इसके मूल उद्देश्य से धोखा है.

साल 1929 में अमेरिकी शेयर बाजार में आई गिरावट के बाद शुरू हुई महामंदी आधुनिक इतिहास की सबसे गंभीर आर्थिक मंदी में से एक थी. इस वजह से बड़े पैमाने पर बैंक दिवालिया हो गए, लोग बेरोजगार हो गए, इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और ग्लोबल ट्रेड में भारी गिरावट आई. इसका असर अमेरिका और दुनिया के अर्थव्यवस्था पर लंबे समय के लिए पड़ा.

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