अमेरिका के टैरिफ का जवाब देने के लिए भारत के साथ आया रूस, कहा – ‘अपना सामान हमें भेजो, तेल भी देंगे’


अमेरिका और भारत के बीच तनाव की स्थिति है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था. अब इस मामले पर रूस, भारत के साथ आ गया है. उसने कहा है कि ट्रंप का भारत टैरिफ लगाना गलत है. रूसी मिशन के उपप्रमुख रोमन बाबुश्किन ने बुधवार (20 अगस्त) को कहा कि उन्हें विश्वास है कि बाहरी दबाव के बावजूद भारत-रूस ऊर्जा सहयोग जारी रहेगा. 

रोमन बाबुश्किन ने नई दिल्ली प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह भारत के लिए एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है और रूस को उसके साथ अपने संबंधों पर भरोसा है. उन्होंने कहा, ”चाहे कुछ भी हो जाए, चुनौतियों के दौरान भी हम किसी भी समस्या को दूर करने के लिए साथ खड़े हैं. राष्ट्रपति पुतिन ने हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन के घटनाक्रम के बारे में जानकारी देने के लिए फोन कॉल किया था. इसका मतलब है कि भारत, रूस के लिए बहुत मायने रखता है.”

रूस ने भारतीय प्रॉडक्ट्स को लेकर क्या कहा

रूस की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर किसी देश में भारतीय प्रॉडक्ट्स पर रोक लगी है तो रूस अपने बाजार में उसका स्वागत करता है. इसके साथ-साथ भारत को तेल भी मिलता रहेगा. दरअसल ट्रंप ने भारत पर पहले 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, लेकिन इसके बाद टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया. ट्रंप को भारत के रूस से तेल खरीदने से दिक्कत है. भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद का बचाव करते हुए कहा था कि उसकी ऊर्जा खरीद देश के हित और बाजार को ध्यान में रखकर चल रही है.   

ट्रंप ने भारत और रूस पर क्या लगाया था आरोप

फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाकर कच्चे तेल की आपूर्ति बंद कर दी थी, जिसके बाद भारत ने कम दामों पर रूसी तेल की खरीद शुरू कर दी थी. ट्रंप ने आरोप लगाया था कि भारत तेल खरीदकर युद्ध को बढ़ावा दे रहा है और इसके लिए सीधे तौर पर रूस को जिम्मेदार ठहराया था.

इनपुट – पीटीआई



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