1971 के युद्ध पर बांग्लादेश ने पाकिस्तान को फिर घेरा, माफी की मांग करते हुए कहा- ‘अभी घाव भरे नहीं’


बांग्लादेश ने रविवार (25 अगस्त, 2025) को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार के समक्ष 1971 के युद्ध के लिए माफी मांगने समेत लंबित मुद्दों को उठाया. डार 2012 के बाद से ढाका का दौरा करने वाले पाकिस्तान के सबसे वरिष्ठ नेता हैं.

डार बांग्लादेश की दो दिवसीय यात्रा पर शनिवार को ढाका पहुंचे थे. उनका उद्देश्य लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना के पद से हटने के बाद बांग्लादेश के साथ संबंधों को फिर से बेहतर बनाना है. डार ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश सलाहकार एम तौहीद हुसैन के साथ बातचीत की.

54 सालों की समस्याएं एक ही दिन में हल होना मुश्किल

तौहीद हुसैन ने डार के साथ मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘हमने अनसुलझे मुद्दे उठाए हैं, जैसे 1971 के लिए माफी या खेद व्यक्त करना, संपत्तियों पर दावा और फंसे हुए पाकिस्तानी नागरिकों का मामला.’ उन्होंने कहा कि यह उम्मीद करना गलत होगा कि 54 सालों की समस्याएं एक ही दिन में हल हो जाएंगी.

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश सलाहकार ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘दोनों देशों ने इन मुद्दों पर अपनी-अपनी स्थिति प्रस्तुत की है.’ डार ने कहा कि 1971 के अनसुलझे मुद्दों को दो बार सुलझाया गया. पहली बार 1974 में भारत में नयी दिल्ली की भागीदारी वाली त्रिपक्षीय वार्ता में और फिर बाद में, पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने अपनी ढाका यात्रा के दौरान नरसंहार के मुद्दे को फिर से सुलझाया. उन्होंने खुले मन से सार्वजनिक रूप से इस पर बात की.

पांच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर 

हुसैन ने बताया कि दोनों देशों के बीच एक समझौते और पांच समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. हुसैन ने कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हुए हैं कि द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक मुद्दों को चर्चा के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए.

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