‘NATO देश बंद करें रूस से तेल खरीद, तब अमेरिका लगाएगा चीन-रूस पर कड़े प्रतिबंध’, यूक्रेन युद्ध को लेकर बोले ट्रंप


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार (13 सितंबर, 2025) को कहा कि अमेरिका रूस और चीन पर बड़े प्रतिबंध तभी लगाएगा, जब नाटो देश रूस से तेल खरीदना बंद कर देंगे. हालांकि ट्रंप ने इस दौरान भारत का जिक्र नहीं किया. दरअसल, ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका और भारत किसी अलग समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं.

‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किए गए ट्रंप के इस फैसले को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं. आलोचकों का कहना है कि अमेरिका ‘पहले आप’ की नीति क्यों अपना रहा है, वह रूस और अमेरिका पर सीधे प्रतिबंध क्यों नहीं लगा रहा है? वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने नाटो सहयोगियों से कहा, जब आप तैयार हों, मैं जाने को तैयार हूं, बस बताइए कब’.

नाटो देश को मिलकर लेना होगा फैसला

डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट में लिखा, ‘नाटो देशों की युद्ध को लेकर प्रतिबद्धता उतनी मजबूत नहीं रही, जितनी होनी चाहिए थी. कुछ नाटो देशों की ओर से रूसी तेल खरीदना चौंकाने वाला है. उन्होंने सुझाव दिया कि नाटो को मिलकर चीन से आने वाले सामानों पर 50% से 100% तक टैक्स (टैरिफ) लगाना चाहिए.’ ट्रंप का मानना है कि ऐसा करने से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है.

ट्रंप का कहना है कि चीन का रूस पर बहुत असर है और अगर चीन पर भारी टैक्स लगाया जाए तो चीन की रूस पर पकड़ कमजोर होगी, जिससे युद्ध को खत्म करने में मदद मिलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि ये टैक्स युद्ध खत्म होने के बाद हटा लिए जाएंगे.

भारत ने ट्रंप के फैसले का जताया विरोध

ट्रंप ने आगे कहा, ‘अगर नाटो मेरी बात मानता है तो युद्ध जल्दी खत्म हो जाएगा और बेगुनाहों की जान बच जाएगी. अगर नहीं तो आप बस मेरा समय और यूएसए का समय, ऊर्जा और पैसा बर्बाद कर रहे हैं.’ हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति के इस रूख से ऐसा लगता है कि ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में भारत की मदद की उम्मीद से अब पीछे हट रहे हैं.

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