पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने चीन की 10 दिवसीय यात्रा के दौरान वहां के एक गुप्त और उन्नत सैन्य परिसर का दौरा किया. इस परिसर को देखने वाले वे पहले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष बने. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, राष्ट्रपति होने के साथ-साथ पाकिस्तानी सेना के संवैधानिक प्रमुख का दायित्व निभा रहे जरदारी ने रविवार (14 सितंबर) को एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) का दौरा किया. यहां उन्हें चीन की नवीनतम रक्षा तकनीकों और आधुनिक लड़ाकू विमानों की जानकारी दी गई.
जरदारी के ऑफिस से जारी बयान में कहा गया कि उन्हें J-10 लड़ाकू विमान, पाकिस्तान के साथ मिलकर बनाए जा रहे JF-17 थंडर और J-20 विमान की प्रगति के बारे में बताया गया. इसके अलावा, उन्हें मानवरहित हवाई वाहनों, स्वचालित सैन्य इकाइयों और आधुनिक कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम की क्षमताओं से भी अवगत कराया गया.
ऑपरेशन सिंदूर में हुई क्षति की भरपाई की कोशिश में पाकिस्तान
हालांकि, चीन के विदेश मंत्रालय ने इस दौरे पर ज्यादा जोर नहीं दिया और इसके बजाय अपने ग्लोबल सिक्योरिटी इनिशिएटिव (GSI) को प्राथमिकता दी, जिसे अमेरिका के प्रभाव का विकल्प माना जा रहा है. जरदारी का यह दौरा और हाल ही में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की बीजिंग यात्रा, दोनों को ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी सेना की क्षति की भरपाई के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.
पहलगाम हमले के बाद भारत ने चलाया था ऑपरेशन सिंदूर
दरअसल, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया. 7 से 10 मई के बीच पाकिस्तान ने भारत के कई जगहों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया, जिसका भारत ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया. भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस तबह कर दिए, जिससे पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा.
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