राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में अमेरिकी दैनिक समाचार पत्र ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स‘ पर 15 अरब डॉलर का मानहानि केस दर्ज कराया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. ट्रंप ने आरोप लगाया था कि यह अखबार उनके खिलाफ दशकों से झूठ का अभियान चला रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के दैनिक समाचार पत्र में उन पर, उनके परिवार, उनके व्यवसायों और उनके राजनीतिक आंदोलन को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है.
ट्रंप ने संघीय नियमों का उल्लंघन किया: अमेरिकी कोर्ट
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी कोर्ट के जज स्टीवन मेरीडे ने ट्रंप को संशोधित शिकायत दर्ज करने को लेकर 28 दिनों का समय दिया है. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने संघीय नियमों का उल्लंघन किया है, जिसके लिए उन्हें स्पष्ट बयान देना जरूरी है. कोर्ट ने कहा कि ट्रंप को बताना होगा कि अखबर को क्यों नहीं राहत मिलनी चाहिए.
ट्रंप ने अपनी शिकायत में दो जर्नलिस्ट की ओर से लिखे गए कई आर्टिकल और एक बुक का नाम दिया गया है, ये आर्टिकल और बुक 2024 के इलेक्शन से पहले पब्लिश हुए थे. ट्रंप ने कहा कि यह अखबार हमारे देश के इतिहास के सबसे घटिया और गिरे अखबारों में से एक है और कट्टरपंथी वामपंथी डेमोक्रेट पार्टी का आभासी ‘मुखपत्र‘ बन गया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने अखबार पर डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी कमला हैरिस के समर्थन का आरोप लगाया और दावा किया कि पहले पन्ने पर उनकी मौजूदगी अब तक का सबसे बड़ा अवैध चुनावी योगदान है.
ट्रंप ने अमेरिकी अखबार को फर्जी करार दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ को फर्जी समाचार का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि हम फर्जी समाचार नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, जैसा कि जॉर्ज स्लोपाडोपोलोस/एबीसी/डिज्नी और 60 मिनट्स/सीबीएस/पैरामाउंट के खिलाफ पहले दायर किए गए हमारे मुकदमे सफल रहे. इन मीडिया संस्थानों ने दस्तावेज और दृश्यों में बदलाव कर दुर्भावनापूर्ण तरीके से उन्हें कलंकित करने की कोशिश की और बाद में रिकॉर्ड रकम पर उन्हें समझौता करना पड़ा.”
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