Donald Trump Tariff: ट्रंप के टैरिफ से जुड़े गलत फैसलों के बीच दुनिया के दिग्गज निवेशकों का ऐलान! कहा- ‘खरीद लो सोना-चांदी क्योंकि…’



बीते कुछ समय से दुनियाभर के शेयर बाजारों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते ट्रेड वॉर और डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से जुड़े फैसलों ने हालात और तनावपूर्ण कर दिए हैं. ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं.

इसी बीच दुनिया के सबसे बड़े निवेशकों में से एक वॉरेन बफेट का सोने और चांदी की तरफ बदला हुआ नजरिया सबको हैरान कर रहा है. अब तक बफेट सोने को गैर-उत्पादक संपत्ति मानते थे और हमेशा शेयरों को बेहतर निवेश विकल्प बताते थे. 1998 में तो उन्होंने यहां तक कह दिया था कि सोना बस भंडारण के लिए है, इससे कुछ पैदा नहीं होता, लेकिन 2025 तक के हालात ने सब कुछ बदल दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल सोने और चांदी की कीमतों में 45-50% की तेजी दर्ज की गई है. इसने बफेट की कंपनी बर्कशायर हैथवे का ध्यान भी खींचा और अब वे इन धातुओं की अहमियत को स्वीकार करते दिख रहे हैं.

रॉबर्ट कियोसाकी का अलर्ट: शेयर और बॉन्ड क्रैश होंगे
मशहूर बेस्टसेलिंग किताब ‘रिच डैड, पुअर डैड’ के लेखक और वित्तीय गुरु रॉबर्ट कियोसाकी लंबे समय से लोगों को सोना, चांदी और बिटकॉइन में निवेश करने की सलाह देते आ रहे हैं. उनका कहना है कि जब भी कागजी संपत्तियां (शेयर, बॉन्ड) धराशायी होती हैं, तब सोना और चांदी जैसे वास्तविक संसाधन सुरक्षित दांव साबित होते हैं.

इस बीच कियोसाकी ने वॉरेन बफेट के इस रुख को देखकर सोशल मीडिया पर कहा कि भले ही वॉरेन बफेट ने हम सोना-चांदी निवेशकों का सालों तक मजाक उड़ाया हो, लेकिन उनका अचानक समर्थन करना साफ संकेत है कि शेयर और बॉन्ड बाजार क्रैश की ओर बढ़ रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि निवेशक सोना, चांदी, बिटकॉइन और एथेरियम जैसे सुरक्षित विकल्पों पर ध्यान दें, क्योंकि जल्द ही मंदी आने वाली है.

गोल्ड-सिल्वर की चमक और बिटकॉइन का आकर्षण
2025 में सोने और चांदी की तेज रफ्तार ने यह साफ कर दिया है कि निवेशक फिर से सेफ हेवन एसेट्स की तरफ लौट रहे हैं. सोना महंगाई और मंदी से बचाव का सबसे पुराना जरिया माना जाता है. मौजूदा वक्त में चांदी इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेश दोनों वजहों से तेजी में है. बिटकॉइन और क्रिप्टो डिजिटल गोल्ड के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. कियोसाकी का मानना है कि सोना और चांदी तो सदियों से भरोसेमंद रहे हैं, लेकिन बिटकॉइन अपने डिजाइन और सीमित सप्लाई के कारण भविष्य में सबसे बड़ा खेल बदलने वाला निवेश हो सकता है.

निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव?
वॉरेन बफेट जैसे बड़े निवेशक का गोल्ड-सिल्वर को समर्थन देना बाजार के लिए बड़ा संकेत है. इसका मतलब है कि दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले शेयर और बॉन्ड भी अब जोखिम में हैं. कियोसाकी पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि आने वाली मंदी 1929 की महामंदी से भी बड़ी हो सकती है. ऐसे में निवेशकों को अपनी रणनीति बदलनी होगी और पोर्टफोलियो में सोना-चांदी जैसे ठोस विकल्पों को शामिल करना होगा.

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