वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को शुक्रवार (10 अक्टूबर,2025) को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गई. लोकतांत्रिक अधिकारों को सशक्त बनाने में उनके योगदान के लिए मचाडो को वेनेजुएला में ‘आयरन लेडी’ के नाम से जाना जाता है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पछाड़कर यह पुरस्कार जीता. मचाडो ने वेनेजुएला में लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही के खिलाफ शांतिपूर्ण संघर्ष में लगातार 20 साल बिताए हैं. नोबेल समिति ने उनके साहस और लोकतंत्र के लिए निरंतर प्रयास को सम्मानित किया.
लोकतंत्र और तानाशाही के खिलाफ संघर्ष
नोबेल समिति ने कहा कि आज जब दुनिया के कई हिस्सों में तानाशाही बढ़ रही है और लोकतंत्र कमजोर हुआ है, ऐसे समय में मचाडो जैसे नेताओं की हिम्मत उम्मीद की लौ जैसी है. उन्होंने वेनेजुएला में लोकतंत्र के लिए अपने अथक संघर्ष और तानाशाही के खिलाफ लड़ाई के लिए यह पुरस्कार हासिल किया.
गुप्त स्थान पर जीवन और गिरफ्तारी
मचाडो लंबे समय से मादुरो सरकार के दबाव के कारण देश में अंडरग्राउंड रह रही हैं. उन्हें सार्वजनिक तौर पर आखिरी बार इस साल जनवरी में कराकास में विरोध प्रदर्शन के दौरान देखा गया था. इसके बाद मादुरो सरकार ने उन्हें गिरफ्तार किया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण जल्द ही रिहा कर दिया गया. अब भी वह सार्वजनिक तौर पर नहीं दिखीं और अपने कार्यों के लिए सुरक्षित स्थान पर हैं. मचाडो अपने बड़े परिवार में सबसे बड़ी बेटी के साथ रहती हैं, जबकि उनके दो अन्य बच्चे और पति विदेश में हैं. उन्होंने कहा है कि लंबे समय तक उन्हें धूप की गर्माहट महसूस नहीं हुई.
राजनीतिक संघर्ष और चुनावी चुनौती
मचाडो 2023 में विपक्षी प्राइमरी जीतकर राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनी थीं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया. उन्होंने एडमुंडो गोंजालेज को समर्थन दिया, जिनके बारे में विपक्ष का दावा है कि उन्होंने 2024 का चुनाव जीता था, लेकिन मादुरो ने चुनाव में धांधली कर जीत हासिल की.
शिक्षा और करियर
मारिया कोरीना मचाडो वेनेजुएला की विपक्षी नेता और इंजीनियर हैं. उनका जन्म 7 अक्टूबर 1967 को कराकास में हुआ था. उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की और 1990 के दशक में गरीबी उन्मूलन पर काम किया. वे 2025 में टाइम्स मैगजीन की 100 सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में शामिल की गईं, जहां उन्हें वेनेजुएला की ‘आयरन लेडी’ कहा गया. यह पुरस्कार मचाडो को लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही का मुकाबला करने के उनके प्रयासों के लिए दिया गया. नोबेल समिति के मुताबिक, उनके साहस और नेतृत्व ने वेनेजुएला में लोकतंत्र की उम्मीद को जीवित रखा.