पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर हो रहा संघर्ष अब देश के भीतर रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है. पाकिस्तान की सेना मंगलवार (14 अक्टूबर, 2025) की रात से अफगानिस्तानी सेना के ठिकानों को निशाना बनाकर हमले कर रही थी, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने बुधवार (15 अक्टूबर, 2025) को अफगानी सैन्य ठिकानों से आगे बढ़कर अफगानिस्तान के खोश्त शहर और कंधार शहर में सीमा के पास रिहायशी इलाकों में भी हमला किया.
जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना के हमले में 12 से ज्यादा अफगानी नागरिकों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं. मरने वाले लोगों में अफगानिस्तान के पत्रकार अब्दुल गफूर आबिद का नाम भी शामिल है, जो पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे हमलों को कवर करने के लिए गए थे. इसके अलावा, अफगानिस्तान के एक और स्थानीय पत्रकार तवाब अरमान भी पाकिस्तानी हमले में घायल हुए हैं.

रिहायशी इलाकों में मलबे के ढेर में बदल रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान बीते एक हफ्ते से अफगानिस्तान के रिहायशी इलाकों को ना सिर्फ निशाना बना रहा है, बल्कि अफगानिस्तान को गाजा बनाने की राह पर चलते हुए आम लोगों के घरों पर हमला करके उसे तबाह कर रहा है. इसके साथ अफगानिस्तान के आम लोग और पत्रकारों की जान भी ले रहा है. अफगानिस्तान के खोश्त के जाजी मैदान इलाके में पाकिस्तानी सेना ने आज बुधवार (15 अक्टूबर, 2025) की सुबह ड्रोन हमले किए थे. इस ड्रोन हमले की जद में आने से करीब 20 मकान ढहकर मलबे में तब्दील हो गए.
क्या काबुल तक पहुंची अफगान-पाकिस्तान संघर्ष की आंच?

इसी तरह, कंधार में स्थित स्पिन बोलदक बॉर्डर पर पाकिस्तानी सेना ने दो बार रिहायशी इलाके और बाजार पर ड्रोन हमला कर चुकी है. जिसके बाद अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान के रिहाइश पर किए गए हमले में 12 आम लोगों की मौत हुई है और 100 से ज्यादा घायल हैं. इसके अलावा राजधानी काबुल में भी आज बड़ा धमाका हुआ, लेकिन अफगानिस्तान की सरकार ने जानकारी दी कि काबुल में हुए धमाके का पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष से कोई लेना देना नहीं है और ये तेल के टैंकर के फटने की वजह से हुआ है.
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