ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने 7 मई को 2025 को आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का हेडक्वार्टर मरकज तैयबा और मरकज उम्म उल कुरा को ध्वस्त किया था. यहां आतंकियों को तैयार किया गया था. आज ऑपरेशन सिंदूर के तकरीबन 8 महीने बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने मुरीदके में अपने ध्वस्त हेडक्वार्टर के बगल में स्थित इमारत जामिया उद दावा में आतंक के लिए तैयार की नई फौज के पहले चरण के कोर्स दौरा ए सुफ़्फा के समापन कार्यक्रम का आयोजन किया.
भारत पर हमले की साजिश में फिर जुटा पाकिस्तान
इस कार्यक्रम में जहा लश्कर-ए-तैयबा ने अहले हदीस फिरके के तहत अपने नए नवेले आतंकियों की फौज की दस्तारबंदी की तो लश्कर ए तैयबा के डिप्टी चीफ और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी सैफुल्लाह कसूरी ने भारत की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अब पहला हमला लश्कर करेगी. कसूरी ने अपने बयान में कहा, ‘ये हमारे ऊपर हमलावर होते थे, अब अल्लाह से हमें ये एहसास दिलवाया दिया कि अब से मदीना तैयबा (मरकज़ तैयबा ) पर हमला नहीं किया करेंगे, उल्टा हम इनकी तरफ हमला किया करेंगे.’
पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुई झड़प का सबसे बड़ा कारण पाकिस्तान का पालतू आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा था जिसने पहलगाम में आतंकी हमले को अंजाम देने के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. इसके जरिए लश्कर जैश और हिजबुल के ट्रेनिंग सेंटर ध्वस्त किए थे और फिर पाकिस्तान ने वापस भारत पर हमला कर दिया था और 4 दिन तक चली झड़प के बाद से ही पाकिस्तान खुद को हवाई क्षेत्र में बेहतर बता रहा है. ऐसे में अब इशारे इशारे में लश्कर ए तैयबा के डिप्टी चीफ सैफ़ुल्लाह कसूरी ने दावा किया कि साल 2026 में समुद्री क्षेत्र में आगे आ जाएगी.
भारत के मोस्टवांटेड आतंकी सैफुल्लाह कसूरी का बयान
आतंकी कसूरी ने कहा, ‘जो पिछला साल गुजरा है मैं अल्लाह का धन्यवाद करना चाहता हूं कि अल्लाह से पाकिस्तान के हालत को बदल दिया है. पिछले 75 साल कोई पश्चिम से कोई पूर्व से कोई उत्तर से कोई दक्षिण से इंशाल्लाह हालत बदल गये हैं. 2025 में पाकिस्तान एयरस्पेस में शहज़ादा बना है, अब ये 2026 है और ये साल ख़त्म नहीं होगा उससे पहले अल्लाह पाकिस्तान को समुद्र का शहजादा बना देगा. समुद्र में भी ला इलाहा इल लल्ला का नारा गूंजेंगा. आसमान में भी ला इलाहा इल लल्ला का नारा गूंजेंगा और दुश्मन फिर दोबारा हम पर ना समुद्र से हमला करने की जुर्रत करेगा और ना ही आसमान से.’
कसूरी के इस बयान के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि लश्कर एक बार फिर जल्द ही भारत पर हमला करेगा क्योंकि उसे पता है कि भारत ने पाकिस्तान से प्रायोजित हर आतंकी हमले को एक्ट ऑफ़ वॉर करार दिया है. इस बार दोनों देशों की नौसेनाएं भी आमने-सामने आएंगी जैसा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोनों देशों की वायु सेनाएं सामने आई थी.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्यों जुटे आतंकी?
लश्कर ए तैयबा की अपने आतंकियों की ट्रेनिंग के पहले चरण की पासिंग आउट सेरेमनी में लश्कर ए तैयबा के जिहाद और डोनेशन विभाग के प्रमुख एक और वैश्विक आतंकी हाफिज अब्दुर रऊफ ने जानकारी दी ये सभी आतंकी जिनकी आज पहली चरण की ट्रेनिंग के बाद दस्तरबंदी हो रही है ये सभी उसी मरकज तैयबा और मरकज़ उम्म उल क़ुरा की इमारत में ट्रेन होते थे और रहते थे.
जहां भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 7-8 मई की आधी रात को हमला किया था और हमले से पहले ही पहले चरण की ट्रेनिंग लेने आए आतंकियों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था और आज जब असल इमारत ध्वस्त है तो जामिया उद दावा में कार्यक्रम करना पड़ रहा है. आतंकी हाफिज अब्दुर रऊफ के मुताबिक, ‘इस मुरीदके में 6 और 7 मई को ध्वस्त मस्जिद जहां आज हम नहीं बैठ सके, वो खत्म हो गई गिर गई, ये बच्चे यहां रहना चाहते थे और इनके अभिभावक चाहते थे की इन्हें यहां से लिए जाए, ये हालात से खबरदार थे और फिर मुरीदके में हमले के बाद मोदी ने कहा की हमने तो आतंक के ठिकानों पर हमला किया था लेकिन पाकिस्तान ने हम पर ही हमला कर दिया.’