Aramco Oil Refinery: सऊदी अरब का निकल जाता तेल! अरामको रिफाइनरी के पास गिरा ड्रोन, कितना बड़ा होता ‘धमाका’?


सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco ने आज अपनी सबसे बड़ी रिफाइनरी ‘रास तनूरा’ को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. ये फैसला एक ड्रोन अटैक की कोशिश के बाद लिया गया, जिससे इलाके में छोटी आग लग गई थी. सऊदी डिफेंस मिनिस्ट्री और इंडस्ट्री सोर्सेज के मुताबिक, स्थिति अब कंट्रोल में है, कोई मौत नहीं हुई और आग पर जल्दी काबू पा लिया गया.

ईरान की ओर से आकर गिरा था ड्रोन

रास तनूरा रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी में से एक है, जो रोजाना 5.5 लाख बैरल क्रूड ऑयल प्रोसेस करती है. ये पर्शियन गल्फ के पूर्वी तट पर स्थित है और सऊदी अरब के ऑयल एक्सपोर्ट का बड़ा हब है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ड्रोन अटैक ईरान की तरफ से किया गया, जो अमेरिका-इजराइल के हमलों का जवाब है. ईरान ने गल्फ देशों में अमेरिकी बेस और अब सिविलियन ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी टारगेट किया है.

सऊदी अरब के डिफेंस मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन ने अल अरबिया टीवी को बताया कि रास तनूरा की तरफ आए दो ड्रोन्स को सक्सेसफुली इंटरसेप्ट किया गया. लेकिन एक ड्रोन ने इलाके में हिट किया, जिससे छोटी आग लगी. Aramco ने सेफ्टी असेसमेंट के लिए ऑपरेशंस रोक दिए हैं. स्थिति कंट्रोल में होने के बावजूद, लोडिंग (ऑयल एक्सपोर्ट) अस्थायी रूप से रुक गई है.

7 साल पहले हुआ था ऑइल फैसिलिटी पर भयानक हमला

ये घटना 2019 के बाद पहली बार है जब सऊदी अरब की ऑयल फैसिलिटी पर इतना बड़ा ड्रोन अटैक हुआ. 2019 में ईरान समर्थित मिलिशिया ने अबकाइक (Abqaiq) और खुरैस (Khurais) प्लांट्स पर हमला किया था, जिससे सऊदी प्रोडक्शन आधा हो गया था और ग्लोबल ऑयल मार्केट हिल गया था. आज के अटैक से ब्रेंट क्रूड की कीमत $80 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है, क्योंकि गल्फ में तनाव बढ़ रहा है.

ईरान के हमले अब गल्फ के कई देशों तक फैल गए हैं. UAE के दुबई और अबू धाबी एयरपोर्ट, कतर, बहरीन और ओमान के दुआम में भी ड्रोन और मिसाइल हमले हुए हैं. सऊदी अरब ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे ‘आतंकी आक्रामकता’ बताया है. GCC देशों (गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल) ने भी ईरान के हमलों की निंदा की और अपना जवाब देने का हक बताया.

ईरान के हमलों से ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर असर

ट्रंप ने कहा था कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 4 हफ्ते तक चल सकता है. अब ये हमले दिखा रहे हैं कि ईरान गल्फ के ऑयल हब को टारगेट करके अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बढ़ा रहा है. कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर असर पड़ सकता है. Aramco अभी डैमेज असेसमेंट कर रही है और जल्द ऑपरेशंस दोबारा शुरू करने की उम्मीद है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *