वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार (1 फरवरी) को संसद में 2026-27 का बजट पेश किया. ऐसे में उनके भाषण पर पूरे भारत की नजरें टिकी हैं. बजट से आम नागरिकों के अलावा व्यापारियों, हेल्थ सेक्टर और शेयर मार्केट को भी काफी उम्मीदें हैं. वित्त मंत्री के भाषण की बड़ी बातें आपको बताते हैं.
गरीबी कम करने में मदद मिली- वित्त मंत्री
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाषण की शुरुआत में कहा कि इस बजट में ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत बजट पर फोकस है. इसके अलावा इस साल के बजट में युवा शक्ति पर फोकस है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार के कदमों से 7 प्रतिशत का विकास और गरीबी कम करने में मदद मिली है. भारत को वैश्विक बाजारों से एकीकृत होना होगा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास को सतत और तेज बनाए रखना सरकार का पहला कर्तव्य है.
बजट में खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग में तेजी, एमएसएमई का निर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर, दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा के लिए रणनीति समेत अन्य कई चीजों पर विशेष महत्व दिया गया है.
वित्त मंत्री की मुख्य घोषणाएं
वित्त मंत्री ने बताया कि 2025 में रेअर परमानेंट मैग्नेट स्कीम शुरू की गई थी. इसमें आगे बढ़ते हुए खनिज संपन्न राज्यों की मदद की जाएगी. 5 राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल का डेडिकेटेड कॉरिडोर बनेगा. इसके अलावा EMS PLI स्कीम का आवंटन 20 हजार से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन उपकरण और सामग्री उत्पादन, सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए आईएसएम 2.0 शुरू किया जाएगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणा के मुताबिक 5 साल में बायोफार्मा में 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा. दुर्लभ खनिज के लिए आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में कॉरिडोर बनेगा. कैंसर, डायबिटीज की दवाइयां सस्ती होंगी. टेक्सटाइल पार्क की स्थापना का भी ऐलान किया गया है. महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू करने की भी बात कही गई है. वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफॉर्म किए जाने से बुनकरों को फायदा होगा.
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