ED ने केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 21 जगहों पर की छापेमारी, सबरीमाला मंदिर से जुड़ा है मामला


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प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने सबरीमाला मंदिर के सोने और दूसरे कीमती सामान की हेराफेरी मामले को लेकर केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 21 जगहों पर छापेमारी की. ये जांच मनी लॉन्ड्रिंग के तहत की जा रही है.

ED की जांच के मुताबिक ये मामला तब सामने आया, जब केरल क्राइम ब्रांच ने इस संबंध में कई FIR दर्ज कीं. FIRs में आरोप है कि Travancore Devaswom Board के कुछ अधिकारी, कुछ निजी लोग, कुछ बिचौलिए और कई ज्वेलरी वालों ने मिलकर मंदिर की कीमती चीजों को बाहर पहुंचाया. इसके बाद ED ने कोर्ट से आदेश मिलने के बाद 9 जनवरी 2026 को इस केस में ECIR दर्ज की और जांच शुरू कर दी. 

ED को जांच में क्या-क्या पता चला
जांच में ED को पता चला है कि मंदिर की सोने से ढकी पवित्र चीजों को सरकारी रिकॉर्ड में कॉपर प्लेट बताया गया जबकि असल में वे सोने की थीं. इन्हें 2019 से 2025 के बीच मंदिर से बाहर निकाला गया. इसके बाद इन्हें चेन्नई और कर्नाटक में कुछ प्राइवेट जगहों पर ले जाकर केमिकल से सोना निकाला गया. सोना निकालने के बाद उसे बेच दिया गया और इससे जो पैसा आया वो अलग-अलग लोगों ने अपने पास रखा. इधर-उधर भेजा और छुपा लिया. 

बता दें कि ED इसी पैसे को Proceeds of Crime यानी अपराध से कमाई गई कमाई मान रही है. छापेमारी का मकसद यही था कि ये पैसा किसके पास गया, कहां छुपाया गया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं ये पता लगाया जा सके. इस दौरान ED ने कई जगहों से डिजिटल डेटा, डॉक्यूमेंट, अकाउंट बुक्स और ज्वेलरी से जुड़े कागज लिए हैं, जिन्हें जांच में शामिल किया जाएगा.

जांच में एक और बात सामने आई है कि सबरीमाला मंदिर में सोने वाली चीजों के अलावा भी कई आर्थिक गड़बड़ियां हो सकती हैं, जैसे मंदिर में चढ़ाई जाने वाली चीजों की हेराफेरी और रिचुअल्स से जुड़े पैसों का गलत इस्तेमाल. ED इन पहलुओं की भी जांच कर रही है.

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