प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार (30 दिसंबर, 2025) को एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. अधिकारियों के मुताबिक, ईडी ने इंदरजीत सिंह यादव, उसके साथियों, अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और उससे जुड़ी अन्य कंपनियों के ठिकानों पर रेड मारी है. मंगलवार (30 दिसंबर) को शुरू हुई ईडी की कार्रवाई फिलहाल जारी है.
ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?
ED ने ये जांच हरियाणा पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से दर्ज 15 से ज्यादा FIR और चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी. ईडी की जांच के मुताबिक, इंदरजीत सिंह यादव पर अवैध वसूली, प्राइवेट फाइनेंसर्स से जबरन लोन सेटलमेंट, हथियारों के दम पर धमकाने और इन गैरकानूनी कामों से कमीशन कमाने के गंभीर आरोप है. इन गतिविधियों से मिले पैसे को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए आगे खपाया जा रहा था.
छापेमारी में कैश, गहने और कई दस्तावेज भी बरामद
ईडी ने इस मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी इंदरजीत सिंह यादव के सहयोगी अमन कुमार से जुड़े नई दिल्ली के सर्वप्रिया विहार स्थित एक ठिकाने पर मंगलवार (30 दिसंबर, 2025) को छापेमारी की. ईडी की टीम ने छापेमारी के दौरान करीब 5.12 करोड़ रुपये नकद बरामद किए. इतनी बड़ी रकम को गिनने के लिए बैंक के अधिकारियों को कैस काउंटिंग मशीन के साथ बुलाया गया था.
वहीं, छापे में एक सूटकेस भी बरामद किया गया, जिसमें सोने और हीरे के गहने बरामद किए गए. जिसकी अनुमानित कीमत करीब 8.80 करोड़ बताई जा रही है. इसके अलावा, एक बैग में से चेकबुक और कई प्रॉपर्टीज से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए. जिनकी कुल कीमत लगभग 35 करोड़ बताई जा रही है.
मामले में जारी है ईडी की कार्रवाई
मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीमों ने आज बुधवार (31 दिसंबर, 2025) को भी छापेमार की कार्रवाई को अंजाम दिया है. वहीं, इस मामले में अभी आगे की जांच जारी है.
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