सोना कितना कीमती है, इसकी असल वैल्यू भारतीय समझते हैं, जहां हर साल करीब 1 हजार टन सोना खपता है. तभी तो यह देश तस्करों की पसंद बन गया है. सोना की तस्करी में मुनाफा कमाने के चक्कर में तस्कर कुछ नहीं देखते. कभी मलाश्य में सोना छिपाकर लाते हैं, तो कभी महिलाएं योनि में सोना छिपाकर तस्करी करती हैं. हाल ही में मुंबई में 24 केन्याई महिलाएं पकड़ी गईं और उनके पास से करीब 28 करोड़ रुपए का सोना जब्त हुआ. तो आइए एक्सप्लेनर में जानते हैं सोना की तस्करी के ऐसे अनोखे किस्से…
सवाल 1: मुंबई एयरपोर्ट पर 38 करोड़ रुपए का सोना पकड़ने का मामला क्या है?
जवाब: 8-9 अप्रल 2026 को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने ‘ऑपरेशन धाहाबु ब्लिट्ज’ चलाया. इसके तहत केन्या के नैरोबी से फ्लाइट KQ 202 पर सवार होकर आईं 24 केन्याई महिलाएं सोना तस्करी करते पकड़ी गईं. कुल 29.37 किलोग्राम सोना जब्त हुआ. इसमें 25.10 किलो गोल्ड बार्स और 4.27 किलो ज्वेलरी शामिल है. कुल कीमत करीब 37.74-38 करोड़ रुपए बताई गई.
सोना कपड़ों, बैगों, जूतों, जैकेट्स और कुछ कैप्सूल के रूप में छिपाया गया था. महिलाएं ट्रेंडेड कैरियर थीं, जिन्हें एक संगठित सिंडिकेट ने ट्रेनिंग दी थी. DRI ने इंटेलिजेंस और डिजिटल प्रोफाइलिंग के आधार पर उन्हें ग्रीन चैनल के पास रोका. यह मुंबई एयरपोर्ट पर इस साल का सबसे बड़ा केस है.

सवाल 2: भारत में सोने की तस्करी के अनोखे तरीके क्या हैं?
जवाब: भारत में सोने की स्मगलिंग के लिए तस्कर नए-नए तरीके निकालते हैं. कई बार अंडरगारमेंट्स, बेल्ट, जैकेट, बच्चों के खिलौनें, टीवी, मशीनरी, प्राइवेट पार्ट्स और मलाश्य तक में सोना छिपा लाते हैं…
- प्राइवेट पार्ट्स में सोना छिपाना: 8 अप्रैल 2026 को बेंग्लुरु के केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर DRI ने 5 लोगों को गिरफ्तार किय था. इनके पास 3.3 किलोग्राम हाई-प्योरिटी सोना मिला, जिसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए थी. तस्कर सोना के पेस्ट के कैप्सूल बनाकर प्राइवेट में डालकर ला रहे थे. सिंडिकेट में बांग्लादेशी ऑपरेटिव्स और लोकल हैंडलर्स शामिल थे.
- मलाश्य में छिपाकर सोना की तस्करी: 8 अक्टूबर 2017 को तमिलनाडु के मदुरै इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो फ्लाइट्स से 29 श्रीलंकाई यात्री पकड़े गए. इनके पास 30-600 ग्राम के 10 किलोग्राम से ज्यादा सोने के टुकड़े थे. वे इन्हें मलाश्य के अंदर छिपाकर लाए थे. हालांकि, हर व्यक्ति पर कम सोना होने से कोई क्रिमिनल चार्ज नहीं लगा, सिर्फ सोना जब्त किया गया.
- गले में सोना निगलकर तस्करी: 22 फरवरी 2026 को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर अबू धाबी से आए एक यात्री ने 135 ग्राम 24 कैरेट सोना के कैप्सूल निगल लिए थे. इनकी कीमत 21.89 लाख रुपए थी. एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने 3 गोल्ड कैप्सूल औऱ 1 नॉन-प्रेशियस कैप्सूल जब्त किया.
इसके अलावा कई चौंकाने वाले केस सामने आ चुके हैं:
- 9 नवंबर 2024 को गुजरात के सूरत एयरपोर्ट पर 4.72 करोड़ रुपए का 6 किलोग्राम सोना अंडरवियर में छिपाकर पकड़ा गया.
- 11 जून 2024 को मुंबई एयरपोर्ट पर दो विदेशी महिलाओं से 19.15 करोड़ रुपए का 32.79 किलोग्राम सोना जब्त किया गया, जो अंडरगारमेंट्स और लगेज में छिपा था.
- 15-18 अप्रैल 2024 को मुंबई एयरपोर्ट पर 5.71 करोड़ रुपए का 9.482 किलोग्राम सोना 14 केसों में जब्त किया. 8 लोग गिरफ्तार हुए. यह सोना मलाश्य, बॉडी और अंडरगारमेंट्स में छिपाकर लाए थे.
सोना की तस्करी में महिलाएं ज्यादा शामिल होतीं हैं. DRI अधिकारियों ने बताया कि महिलाएं योनि में सोना छिपाती हैं. ऐसे केस में इंतजार करना पड़ता है.

सवाल 3: आखिर सोना की तस्करी में जान क्यों जोखिम में डालते हैं लोग?
जवाब: सोना की तस्करी की सबसे बड़ी वजह है मुनाफा. भारत में सोना महंगा बिकता है, जबकि विदेश में सस्ता मिलता है. अभी इंपोर्ट ड्यूटी 6% है और टैक्स बचाकर तस्करी करने वाले प्रति किलोग्राम सोने पर 5 लाख रुपए से 15 लाख रुपए तक कमा लेते हैं. 2025-26 में सोने की कीमतें (1.6 करोड़ रुपए प्रति किलोग्राम) रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गईं, जिससे तस्करी और ज्यादा बढ़ गई.
- भारत में बिक्री के बाद ड्यूटी और 3% लोकल टैक्स बचाने से प्रति किलोग्राम सोना पर 5 लाख से 15 लाख रुपए तक मुनाफा मिलता है.
- 2025 में 15% से 6% ड्यूटी कटौती की गई, जिसके बाद भी मुनाफा बना रहा क्योंकि सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं.
- कुल मिलाकर तस्करी का अंडरग्राउंड बाजार अरबों का है. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना खरीदने वाला देश है, जहां हर साल करीब 1000 टन सोना की खपत होती है.
सवाल 4: केन्याई जैसी कैरियर को तस्करी में कितना पैसा मिलता है?
जवाब: सिंडिकेट कैरियर को कुल माल का 5-10% या फिक्स्ड अमाउंट देते हैं. एक रिपोर्ट में केस में कैरियर को एक ट्रिप में 12-13 लाख रुपए मिलने का जिक्र है. केन्या या अफ्रीका में ये पैसे बहुत बड़े हैं. गरीबी, बेरोजगारी और परिवार चलाने की मजबूरी में लोग तैयार हो जाते हैं. सिंडिकेट उन्हें कपड़ों में, बैग में और मलाशय में सोना छिपाने की ट्रेनिंग देता है, फ्लाइट टिकट और होटल खर्च भी देता है. यानी जोखिम कैरियर पर, मुनाफा बॉस पर. अगर पकड़े गए तो जेल, लेकिन कई बार बेल मिल जाती है.
मुंबई एयरपोर्ट पर केन्याई महिलाओं का उदाहरण लें तो सोना करीब 38 करोड़ रुपए का था. अगर तस्करी कामयाब हो जाती तो सिंडिकेट को ड्यूटी और टैक्स बचाकर करीब 1.5 से 4 करोड़ रुपए का फायदा होता. महिलाएं ट्रेंडड कैरियर थीं और सिंडिकेट ने उन्हें ट्रेनिंग दी थी. ये महिलाएं केन्या जैसे गरीब देशों से हैं, जहां औसत कमाई बहुत कम है. एक ट्रिप में उन्हें लाखों रुपए मिलते हैं.
सवाल 5: सोना की तस्करी रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है?
जवाब: DRI, कस्टम्स और एयरपोर्ट इंटेलिजेंस लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं. 2025-26 में कई बड़े केस पकड़े गए. ड्यूटी घटाकर तस्करी कम करने की कोशिश की गई, लेकिन मांग ज्यादा है. प्राइस हाई है और सिंडिकेट नए तरीके निकालते रहते हैं. सरकार कहती है कि कानूनी इंपोर्ट बढ़ाने और ड्यूटी बैलेंस रखने से समस्या कम होगी. अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश जारी है.