‘Gen-Z प्रदर्शन में मारे गए लोग शहीद, 17 सितंबर को राष्ट्रीय शोक’, नेपाल की अंतरिम सरकार का फैसला


नेपाल की सुशीला कार्की सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में अहम फैसले लिए गए हैं. सरकार ने जेनजी आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपये देने का निर्णय लिया है. इसके अलावा, अन्य आवश्यक खर्चों के लिए प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे.

प्रदर्शन के दौरान मारे गए सभी लोग शहीद घोषित
सरकार ने जेनजी आंदोलन में मारे गए सभी लोगों को शहीद घोषित कर दिया है. इसके साथ ही हर साल 17 सितंबर (१ अशोज) को शोक दिवस के रूप में मनाने का निर्णय भी लिया गया है. जेनजी आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय न्यायिक जांच आयोग गठित करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है.अंतरिम सरकार ने पूर्व ओली मंत्रिमंडल द्वारा कैबिनेट में प्रस्तुत किए गए सभी प्रस्ताव वापस लेने का भी निर्णय किया है.

जेनजी मेमोरियल पार्क का निर्माण
जेनजी आंदोलन में शहीद हुए लोगों की याद में सरकार ने जेनजी मेमोरियल पार्क बनाने का निर्णय किया है, ताकि उनकी बलिदान गुम न हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बन सके.

सुशीला कार्की ने तीन नए मंत्री बनाए
नेपाल की कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने अपने मंत्रिमंडल में तीन नए मंत्रियों को शामिल किया. कुलमन घीसिंग, रामेश्वर खनाल और ओम प्रकाश आर्यल को सोमवार (15 सितंबर, 2025) को शपथ दिलाई गई. सुशीला कार्की ने रविवार (14 सितंबर, 2025) को पदभार संभाला था. राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उनकी अनुशंसा पर यह नियुक्ति की.

नए मंत्रियों के विभाग

  • कुलमन घीसिंग को ऊर्जा, जल संसाधन और शहरी विकास मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया.
  • रामेश्वर खनाल को वित्त मंत्री नियुक्त किया गया.
  • ओम प्रकाश आर्यल को कानून और गृह मंत्रालय का कार्यभार दिया गया.

देशव्यापी प्रदर्शन में हुई थी 72 लोगों की मौत
केपी शर्मा ओली के इस्तीफे की मांग करते सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की ओर से उनके कार्यालय में घुस जाने के कुछ ही देर बाद मंगलवार (9 सितंबर, 2025) को उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था. देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में कम से कम 72 लोगों की जान चली गई थी.



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