Imran Khan News: भाई से नहीं मिलने दिया तो कोर्ट पहुंचीं इमरान खान की बहन, जज ने भी मिलने से कर दिया मना, अब PTI उठाएगी ये कदम



पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (PTI) के मुखिया इमरान खान की मौत की खबरों ने पाकिस्तान में हलचल मचा दी है. जैसे ही ये खबरें फैलीं तो उनकी बहन अलीमा खानम और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल आफरीदी इमरान खान से मिलने जेल पहुंचे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया. इसके बाद वह दोनों और पीटीआई के कार्यकर्ता गुरुवार (27 नवंबर, 2025) को जेल के बाहर धरने पर बैठ गए. शुक्रवार सुबह धरना खत्म हुआ है. बाद में जेल प्रशासन ने बताया कि इमरान खान एकदम ठीक हैं और उन्होंने उनकी मौत की खबरों को खारिज कर दिया. इमरान खान अभी रावलपिंडी की अडियाल जेल में बंद हैं.

अलीमा खानम ने भाई से मिलने की इजाजत नहीं दिए जाने के बाद इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अडियाल जेल के अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना की याचिका दायर की. सोहैल आफरीदी और पीटीआई के अन्य नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने यह याचिका दायर की है.

याचिका में इस्लामाबाद हाईकोर्ट के 24 मार्च के आदेश का जिक्र किया गया है, जिसमें अदालत ने इमरान खान से हफ्ते में दो बार मुलाकात करने की अनुमति दी थी. इमरान खान अगस्त 2023 से अडियाल जेल में बंद हैं. याचिका में कहा गया है कि अदालत के आदेशों का जानबूझकर पालन नहीं किया गया है, जिसकी वजह से अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया जाता है. इसमें इमरान खान से नहीं मिलने दिए जाने का विशेषरूप से जिक्र किया गया है.

याचिका में कहा गया कि मंगलवार और गुरुवार को मुलाकात की अनुमति के निर्देशों के बावजूद प्रतिवादियों ने इसका पालन नहीं किया और न ही इसे लागू किया. याचिका में यह भी कहा गया है कि अलीमा अपने भाई के जेल जाने के बाद से उनकी सलामती, कानूनी अधिकारों और मानवीय व्यवहार को लेकर बेहद चिंतित रही हैं.

याचिका में जिन लोगों को नामजद किया गया है उनमें अडियाल जेल अधीक्षक अब्दुल गफूर अंजुम, सदर बेरोनी थाने के प्रभारी अधिकारी राजा ऐजाज अजीम, संघीय गृह सचिव कैप्टन (सेवानिवृत्त) मोहम्मद खुर्रम आगा और पंजाब गृह विभाग के सचिव नूरुल अमीन शामिल हैं. इसके अलावा, इस्लामाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात न होने पर आफरीदी ने कहा कि उनकी पार्टी संसद का सत्र नहीं चलने देगी.

दुनिया न्यूज टीवी ने आफरीदी के हवाले से कहा, ‘हमें मुख्य न्यायाधीश की ओर से संदेश मिला कि वह हमसे नहीं मिल सकते. हमने फैसला किया है कि आज न नेशनल असेंबली और न ही सीनेट का सत्र चलने दिया जाएगा.’



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