India France Deal: भारत की आर्मी में फ्रांस के अफसर… मैक्रों संग पीएम मोदी ने कर डाली बड़ी डील, PAK के उड़े होश


एआई समिट में हिस्सा लेने आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के दौरान कई अहम रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर हुए हैं. इनमें दोनों देशों के बीच अगले दस वर्षों के लिए एक दूसरे की सेना में अधिकारियों की तैनाती शामिल है. पहली बार भारत की थल सेना में किसी दूसरे देश (फ्रांस) के सैन्य अधिकारी तैनात किए जाएंगे. 

बेंगलुरु में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांसीसी समकक्ष कैथरिन वातारिन की मौजूदगी में ये समझौता हुआ. इस फ्रेमवर्क के तहत, भारत और फ्रांस की सेना यानी थलसेना में एक-दूसरे के अधिकारी तैनात किए जाएंगे. पहली बार ऐसा हो रहा है कि भारतीय सेना में किसी दूसरे सेना के अधिकारी तैनात किए जा रहे हैं. हालांकि, इस करार से भारत से ज्यादा फ्रांस को मदद होने जा रही है क्योंकि भारत के मुकाबले फ्रांस की लैंड फोर्सेज की संख्या बेहद कम है. रूस-यूक्रेन जंग की आग, यूरोप तक ना फैल जाए, ऐसे में फ्रांस को भारतीय सेना से युद्ध लड़ने की ट्रेनिंग में अहम मदद मिल सकती है.

चेतक को रिप्लेस करेंगे फ्रांसीसी एलयूएच 
पीएम मोदी और मैक्रों ने बेंगलुरु के करीब एयरबस और टाटा कंपनी द्वारा साझा तौर से लगाए जा रहे हेलीकॉप्टर प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन किया. इस प्लांट में भारतीय सेना के लिए लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर यानी एच-125 एलयूएच हेलीकॉप्टर का निर्माण किया जाएगा. ये एलयूएच हेलीकॉप्टर, भारतीय सेना और वायुसेना के पुराने पड़ चुके चीता और चेतक हेलीकॉप्टर को रिप्लेस करेंगे. इस प्लांट के उद्घाटन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री खुद प्लांट में मौजूद थीं. प्लांट का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस प्लांट में माउंट एवरेस्ट पर उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टर तैयार किए जाएंगे.

ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल होने वाले हैमर बम बनेंगे भारत में
इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की डिफेंस मिनिस्टर की मौजूदगी में फ्रांस की साफरान कंपनी ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी बीईएल के साथ भारत में हैमर बम बनाने को लेकर करार किया. फ्रांस की साफरान कंपनी इन हैमर बम का निर्माण करती है और इन्हें रफाल (राफेल) से लॉन्च किया जाता है. आसमान से जमीन पर मार करने वाले इन हाइली एजाइल मोडयूलर म्युनिशन एक्सटेंडेड रेंज (HAMMER यानी हैमर), एक स्टैंड ऑफ वेपन (बम) हैं, जिनकी रेंज करीब 70 किलोमीटर है.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन हैमर बम का इस्तेमाल भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के हेडक्वार्टर को तबाह करने के लिए किया गया था. इस हैमर बम को मिराज-2000 और स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस से भी दागा जा सकता है. यही वजह है कि इन बमों को अब भारत में बनाया जाएगा.

फ्रांस से खरीदी जाएंगी 400 स्कैल्प मिसाइल
हैमर बम के भारत में निर्माण के अलावा भारत, राफेल फाइटर जेट के लिए करीब 400 स्कैल्प मिसाइल भी खरीदने जा रहा है. करीब 300 किलोमीटर तक मार करने वाली इन मिसाइलों का इस्तेमाल भी भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया था.

114 मेक इन इंडिया राफेल फाइटर जेट को मंजूरी
मैक्रों के दौरे से ठीक पहले रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल फाइटर जेट भारत में बनाए जाने की मंजूरी दी है. इसके लिए फ्रांस की दासो (दसॉल्ट) कंपनी, भारत की किसी स्वदेशी कंपनी के साथ मिलकर भारत में राफेल बनाने का प्लांट लगाएगी. ये पूरा प्रोजेक्ट करीब 3 लाख 25 हजार करोड़ का होने जा रहा है. माना जा रहा है कि निकट भविष्य में भारतीय नौसेना की जरूरत के लिए राफेल के मरीन वर्जन का निर्माण भी यहां हो सकता है. इसके लिए दूसरे एशियाई देशों को भी राफेल इसी प्लांट से एक्सपोर्ट किए जाएंगे. 

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